loading...
loading...
Home » , , , » बरसात कि रात में एक अजनबी लड़का न मुझे खूब चुदा

बरसात कि रात में एक अजनबी लड़का न मुझे खूब चुदा

दोस्तो, मेरा नाम मोनिका है, मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ, एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हूँ।
मैं बचपन से ही खुले विचारों की मॉडर्न लड़की रही हूँ, मेरे विचार से जैसे ही खुदा ने मुझे एक मॉडर्न जिस्म से नवाज़ा है।मेरे 32″ आकार के उठे हुए गोरे गोरे दो कबूतर, 28 की लचक वाली पतली कमर, उस पर 36 आकार की गोल उठी हुई मेरे चिकने कूल्हे दोस्तो, जो भी एक बार देखे, दीवाना सा हो जाए मेरा…दोस्तो, बचपन से ही मुझे अपने जिस्म पर गुरुर रहा है।




यूँ तो मैंने अपने जिस्म को बाहरवी कक्षा में ही अपने बॉयफ्रेंड के जिस्म से मिला दिया था किन्तु वो कहानी मैं आपको फिर कभी सुनाऊँगी।आज मैं आपको वो दास्ताँ बताने जा रही हूँ जब बरसात की रात में एक अजनबी के साथ मैंने प्यार के पल बिताये।बात आज से तीन माह पहले की है जब मैं 23 वर्ष की थी और एक कम्पनी में काम करती हूँ, मेरी शिफ्ट रात दस बजे ख़त्म होती है।
ऑफिस से मेरे फ्लैट की दूरी कुछ 6 किमी है, मैं फ्लैट में अकेली रहती हूँ, परिवार गाजियाबाद में रहता है।
उस रात जैसे ही मैं छुट्टी करके ऑफिस से बाहर आई तो देखा बहुत तेज़ बारिश हो रही थी।
काफी देर ऑटो का इंतजार करके भी ऑटो न मिला। एक दो ऑटो रोकने के चक्कर में मैं पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
उस दिन मैंने ब्लू जीन्स और लाल टॉप पहन रखा था।
टॉप गीला हो जाने की वजह से मेरे दोनों कबूतरों की साफ़ झलक मिल रही थी।
काफी देर इंतजार करने के बाद एक सफ़ेद नई गाड़ी मेरे पास आकर रुकी। उसका शीशा खुला और अन्दर से एक 25-26 साल का स्मार्ट सा लड़का दिखाई दिया।
उसने मुझे पूछा- क्या मैं आपको कहीं छोड़ दूँ? अगर आपको कोई परेशानी न हो तो… क्योंकि इस वक़्त यहाँ ऑटो नहीं मिलेगा।
पहले तो मैंने मना किया किन्तु फिर हालात को देखते हुए हाँ कर दी।
उस गाड़ी में वो लड़का अकेला था, वो काफी सुंदर और कामुक लग रहा था, मजबूत बदन वाला एकदम सोहना सा।उसने गाड़ी का आगे वाला दरवाजा खोला और मैं उसके साथ बैठ गई।
उसने पहले तो एकटक मुझे ऊपर से नीचे तक देखा, फिर मेरे गीले टॉप में से साफ़ नज़र आती मेरी चूचियों पर उसकी निगाह टिक सी गई।
कुछ पल बाद जब मैंने खांसने का बहाना किया तो उसका ध्यान वहाँ से हटा।
उसने कहा कि मैं भीग गई हूँ तो अपनी गाड़ी में रखा एक तौलिया दिया मुझे अपना जिस्म पोंछ लेने को।
और फिर मैंने अपने फ्लैट का पता उसे बताया जहाँ मुझे वो छोड़ दे।
उसे भी उसी तरफ जाना था।
रास्ते में उसने सिगरेट जलाई और मुझसे पूछा तो मैंने भी उसकी जूठी सिगरेट पी ली।
गाड़ी के गियर बदलते वक़्त वो अपना हाथ मेरी टांगों से टच कर रहा था।
एक तो बारिश में भीगने की वजह से लगती ठण्ड और उपर से उसके छूने से मेरे बदन में हलचल सी होने लगी।
मुझे सेक्स किये कई दिन हो गये थे।
उसकी निगाहें बार बार मेरे कबूतरों पर आकर अटक जाती थी, पैंट में उसका लिंग तन चुका था, उसने मेरी निगाहों को उसके लिंग को घूरते हुए पकड़ लिया तो मेरे लबों पर मुस्कराहट छा गई।
फिर उसने अपना एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया और हल्के हल्के सहलाने लगा।
मैंने भी दिल में सोच लिया था कि आज उसका प्यार पाना है इसलिए उसकी इस हरकत से अपने लबों को दांतों से हल्के से काटने लगी।
वो भी अब तक समझ चुका था कि लड़की राजी है।
दो मिनट तक मेरी जांघों को सहलाने के बाद अचानक उसने गाड़ी को साइड में खड़ा किया और मेरे सुर्ख लाल होंठो को चूसने लगा, उसका एक हाथ मेरे कबूतर को मसल रहा था।
उसकी इस अदा से मैं भी मंत्रमुग्ध सी होकर उसका साथ देने लगी।
करीब दस मिनट तक हम एक दूसरे को चूमते रहे, उसके बाद मैंने उसे कहा कि बाकी सब मेरे फ्लैट पर जाकर करते हैं।
उसने फटाफट गाड़ी को फ्लैट तक पहुँचाया।
जैसे ही हम अन्दर पहुँचे, उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मुझे किस करते हुए बेड पर ले गया।
फिर उसने मुझे बिस्तर पर बैठाया और मेरा टॉप उतार फेंका, मेरी तंग ब्रा में से बाहर को झाँक रहे कबूतरों को भी उसने ब्रा निकाल कर आजाद कर दिया।
मेरी इतनी प्यारी चूचिया देखकर वो उन पर टूट पड़ा, उसने बारी बारी से मेरी दोनों चूचियो को खूब चूसा।
एक तो बारिश की ठण्ड उपर से उसके प्यार का नशा… मैं तो ऐसा महसूस कर रही थी जैसे पानी में आग जल रही हूँ।
फिर उसने मेरी जीन्स और पैंटी एक साथ ही निकाल दी।
मैं हमेशा अपनी चूत साफ़ करके रखती हूँ।
मेरी चिकनी चूत देखकर वो खुद को मेरी चूत चूसने चाटने से न रोक सका।
उसने चूस चूस कर दो बार मेरी चूत का रस निकाल दिया।
फिर उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए।
उसका करीब 8 इंच का गोरा सा लंड मेरे सामने था। मैंने पहले जो भी लंड लिए थे वो सभी काले थे दोस्तो…
यह पहला लंड था किसी लड़के का जो गोरा मिला।
मैंने खुद ही उसे पकड़कर अपने मुंह में ले लिया, उसे खूब अच्छी तरह से चूसा, उसकी गोलियों को चूमा।
इसके बाद उसने मेरी दोनों टांगों को फैलाकर अपना लंड मेरी चूत में सेट कर दिया।
करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद वो मेरे ऊपर ही ढेर हो गया।
उस रात हमने तीन बार चुदाई की।
आज वो लड़का और मैं गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड है, हमारी रिलेशनशिप बहुत प्यारी है। हम दोनों के ही पहले कई अफेयर्स रहे हैं, किन्तु हमें इस से कोई परेशानी नही है।
हम दोनों एक दूसरे की कम्पनी को खूब एन्जॉय करते हैं।
वो एक अच्छी रिच फॅमिली से है और मुझे बहुत सारे गिफ्ट्स लाकर देता है।
friends kaisa laga meri chudai ki kahani ? ascha lage to share please.. agar kisine mere sath chudai karna chahte ho to add karo Facebook.com/Monikasharma

1 comments:

loading...
loading...

Chudai,chudai kahani,sex kahani,sex story,xxx story,hindi animal sex story,

Delicious Digg Facebook Favorites More Stumbleupon Twitter