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ट्युशन टीचर की चुदाई कहानी

मै एक टीचर के घर पर पढने जा ता था वाहा  पर लार्किया भी पढती  थी ! लगभग 2-3 महीने के बाद वह पर एक  लरकी आई  जो की काफ़ी गोरी ,पति सी कमर ,चूची सुक्रेल (चुस्त दुरुस्त ),लाल रसगुल की तरह होठ ,देखने से काफी आमिर घर की लग रही थी !उसका नाम पल्लवी था कुछ दिन बाद मै  उसके सामने में बैठा था आचनक  मेरा कलम बेंच से नची गिरा, मै  ने जैसे ही उठाने की कोस्सी की की आचनक उसका कच्छी (पंटी ) देखा लाल रंग का थी और उन में उस के बूर (चुथ ) का साइज़ साफ झलक रहा था !उसे देखते है मेरा लंड खारा  होने लागा !
मै  पेसब के बहाने बाथ रूम  में गया और मूठ मारा ,फिर मै ने सोचा की मै कब तक मुठ मरता रहुगा ! मै  ने उसे पटाने का पालन बनाया ,1-2 महीने में हमारी फ़ोन पर बाते होने लगी !
एक  दिन मै ने  रात को सोचा की आज सेक्सी बात करेगे रात  को मई ने 11pm को  फ़ोन किया !
मै -क्या कर  रही हो ?
वो -कुछ नही !
मै - तुम्हे सेक्स करने का मन नही करता ?
वो-कभी  कभी
मै -गरम सासे लेकर बोली मानो की उसे भी सायद भुत चढ़ा हो चुदाई का ;फिर मै  ने कहा की किस दो ;
वो-ठीक है करो
मै-आह्ह्ह्ह्ह्ह की ससे बहते हु बोली .मै  ने फ़ोन पर किस  करना सुरु किया ;थोरी देर बाद ओह बोली की मेरे नीचले हिसे में किस करो मै  करता  गया ! कुछ देर बाद ओह बोली की  की मेरे चूची बहुत टैट हो गया है और  बूर से पानी जैसा चिसिपा संपन निकल रहा है मै भी इदर आपने लंड को सहला रहा था ,मेरा लंड से संपन  निकलने वाला था ! फिर मै  ने कहा की अपने बूर में फिंगर डाल कर  फिग्रिंग  करो बहुत आछा फिल  होगा ;ओ करने लगी ;ऒऒओऐऐ  आह्ह्ह्ह्ह  ईईईहूऊऊ  की आवाज सुन मेरे लंड  से संपन निकल गया .
थोरी देर में ओ भी सनत  हो गई !फिर हम दोनों ने अक दिन पालन बनाया सेक्स का , आचनक से उसकी दोस्त की सदी होन  वाली थी !आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। वाहा पर ओ  रात भर रुकने वाली थी मई सोच लिया की उस दिन उसे चोद कर  ही  रहुगा ;मै  ने उस से बोला की तुम 10pm के बाद पुराने गार्डन में मिलना वाहा पर ओ आगई ;उस दिन ओ जादा ही सुन्दर लग रही थी जसे ही उसे कुछ बोलना चाह मै ने उस की मुह को बंद करदिया बोल आज बाते नही कुछ और करेगे ;मै  ने उसे से बिना कुछ पूछे किस करने लगा,सुरु में तो थोरी सी फ़ोर्स कर रही थी लिकिन  थिर देर बाद उस ने बिलकुल छोड़ दिया मानो ओह कह्ना चाहती है की जो करना है करो,थोरी देर बाद ओ भी सपोर्ट  सरने लगी।अपने बूर को चोद्वाने का मन सायद अब से हो गया !एक एक कर के मै  ने सरे कपरे  उतर दिया ;बूर को चाटना सुरु किया!उस के बूर का स्वाद तो बिलकु लंड को चूसने लायक था बूर के रस मेरे लैंड को और उतेजित कर रहा था उस की  आवाज ईस्सस आह्ह्ह्ह्ह्ह ऒऒऒऒओ कर के आरही थी बूर में बल भी था वह आपने दोनों फुले हुए मामे को अपने होटो से चाट रही थी  !

फिर मै  ने आपने मोटे से लंड को उसके मह ने डाल कर  पेलने लगा वह मेरे लंड को लेमनचूस  तरह ले क्र चूस चूस कर चाट रही थी  मेरे लंड  को आपे चूची  से रगर कर  आपने मुह में गप गप दल रही थी ! मुझसे रहा नही गया  मै ने उसे निचे चादर  बिछा  कर  सोला दिया और  बूर में लंड डाल कर चोदना  सुरु किया उस का बूर का साइज़ बिल कुल मेरे लंड को मस्ट सेट हो रहा था लंड बूर में घुस कर चप  चप को आवाज निकल रहा था  वह  फर्स्ट बार सेक्स कर रही थी तो उसे दर्द जादा हो रहा था मै ने थोरी ही देर बाद अपने लंड  को उस के बूर से बहर लिकल लिया फिर वह दुबारा डालने नही दे रही थी मै ने बातो में फसकर आचनक से कस कर पेल दिया  उसको मानो रत में दिन हो गया हो आख में आसू आने लगे .मै जोर जोर से पलता रहा थोरी देर बाद उसे भी मजा आने लागा !आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर ओ  मुझे कस कर पकर लिया किस करने लगी और बली चोद चोद  कर मेरे बूर को आज लाल कर दो ,मै ने काफी दिनों से इतजार किया है इस दिन का मै और तेजी उसे पेलने लगा ! उस का बूर से आब पानी आने लगा था ओह जल्द  ही झर गई फिर मै ने थोरी देर  बाद फिर से चुदाई सुरु की  वह आपने चूची को मसल रही थी मै ने इस बार उस के बूर को आपने  लैंड के उपर बैठा कर पेल रहा था !लगभग 5 मिनट के बाद मेरे लंड का  माल बहर आने की लिए बेताब हो गया !मै  ने आपने माल को (स्पन )को उस के बूर के अंदर ही दल दिया ! ,,आज भी मै  जब भी घर  जाता हु बिना चोदे मै  नही आता ;अब तो आदत हो गया है चोद्ने का !कैसी लगी टीचर की चुदाई स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी टीचर की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/SapnaSharma

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