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पड़ोसन कविता भाभी ने अपने घर बुलाकर मुझसे चुदवाई

आज जो भाभी की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हू वो पड़ोसन कविता भाभी की चुदाई की हैं । आज मैं बाटूंगा कैसे छोटी भाभी को चोदा होटल में, कैसे भाभी को नंगा करके चोदा,भाभी की बूब्स चूसा,कैसे भाभी की चूत चाटी, कैसे भाभी को घोड़ी बना के चोदा, कैसे 8 इंच का लण्ड से भाभी की चूत मारी,  भाभी की गांड मारी , कैसे भाभी की चूचियों को चूसा और खड़े खड़े भाभी को चोदा । कैसे मेरी भाभी की चूत को ठोका ।मेरे दरवाजे के सामने बाला फ्लैट में एक कपल रहता था उसकी शादी के अभी सिर्फ ११ महीने ही हुए थे, उनका नाम था कविता और उनके पति का नाम चन्दन, दोनों बड़े ही हॉट कपल थे, दोनों एक पर से एक थे, चन्दन अपने पत्नी को बहूत चाहता था. कविता ७ महीने की गर्भवती थी. पेट बड़ा हो चूका था जिस्म भर गया था, गालों पे और भी ज्यादा लाली आ गई थी. चूतड़ गोल गोल बड़ा बड़ा हो गया था. दोस्तों मुझे कविता बहूत ही ज्यादा हॉट लगने लगी थी.

मेरे घर दोनों का आना जाना था. कविता को हमलोग भाभी कहते थे. चन्दन का गाँव कही इंटीरियर में था इसलिए अपने पत्नी का बच्चा दिल्ली में ही करवाना चाह रहा था. इस वजह से वो अपने मम्मी को लाने गाँव चला गया था दो दिन के लिए. अब कविता इस बिच अकेली ही थी. मैंने भी यहाँ अकेला ही था. चन्दन मुझे बता कर गया था की कविता का ध्यान रखना.जिस दिन चन्दन गाँव गया मैं उन्ही के यहाँ था हम दोनों टीवी देख रहे थे. उस दिन कविता और भी खूबसूरत लग रही थी क्यों को वो बाल धोई थी जो सूखने के लिए खोल राखी थी, और होठ पे लाल रंग की लिपस्टिक लगाई हुई थी. वो बहूत ही जायद गोरी है. इस वजह से उसके बदन पर लाल रंग का नाईटी बहूत ही ज्यादा खिल रही थी. चार चाँद जो उसके जिस्म को लगा रहा था वो था उनका बूब्स, क्यों की वो अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. बच्चा होने की वजह से बूब्स आलरेडी बड़ा बड़ा हो चूका था. शरीर भरा पूरा था. मस्त लग रही थी. दोस्तों मैं फिसल गया और थोड़ा नॉनवेज टाइप की बात छेड़ दी. ताकि मैं जानना चाह रहा था की उनको ऐसी बातों में मजा टा है की नहीं.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। दोस्तों कविता को मेरी नॉनवेज जोक्स में काफी इंटरेस्ट आ गया, धीरे धीरे मैं उनके शादी के पहले के अफेयर के बारे में पूछना शुरू कर दिया, पर वो गोल गोल जवाब दे रही थी. मुझे समझ नहीं आया और मैं सच बताऊँ दोस्तों मुझे ज्यादा जान्ने की इच्छा भी नहीं थी. मैंने तो सिर्फ उनको टटोल रहा था. फिर उंन्होने भी पूछना शुरू कर दिया की आपकी कोई गर्ल फ्रेंड है, मैंने मना कर दिया. फिर उन्होंने पूछा की आपने कभी सेक्स किया मैंने कह दिया. जो मैं किया था. मैंने सेक्स अपनने बहन के साथ किया था. जब पिछली सर्दियों में. जब हम दोनों ट्रैन से उसका एग्जाम दिलवाने जा रहे थे. ट्रैन में और उस रात को होटल में अपने बहन को चोदा था.
दोस्तों वो हैरान नहीं हुई थी. जब की लोगो की भोहे सिकुड़ जाती है, बहन का नाम सुनते ही. मुझे लगा की आज काम बन जायेगा. मैंने कहा भाभी एक बात बताओ. जब औरत प्रेग्नेंट हो जाती है तब कब से सेक्स नहीं करना चाहिए. तो कविता भाभी बोली सेक्स तो हमेशा हो सकता है. सच तो ये है की इस टाइम और भी सेक्स करने का मन करता था, पर और मुह से पिच की आवाज निकाली. मैंने कहा क्या हुआ भाभी क्यों? कोई बात है क्या? तो वो बताने लगी.

चन्दन बहूत ही डरा हुआ इंसान है वो मुझे तीन महीने से सेक्स नहीं कर रहा है. वो कहता है की बच्चे को दिक्कत हो सकती है. मैंने उनको डॉक्टर के यहाँ भी ले के गई, डॉक्टर भी समझाया की आप सावधानी से सेक्स कर सकते हो. और इस टाइम का अपना ही एक मजा है. पर वो मानता नहीं है, मैंने कहा आप कहे तो वो मुझे घूरने लगी. मुझे लगा की कही वो गुसा नहीं कर दे. तभी वो बोल पड़ी. की धीरे धीरे. मैंने कहा ठीक है जैसी आपकी मर्जी.वो उठ कर बैडरूम में चली गई. मैंने टीवी बंद कर दिया और उनके बैडरूम में चला गया. मैंने उनके नाईटी को उतार दिया. मैंने पहली बार प्रेग्नेंट औरत को पूरा नंगा देखा. गजब की लग रही थी. मुझे तो उनके जिस्म को देखकर मजा आ गया. मैं भाभी के चूचियों को पिने लगा. वो आह आह आह आह आह करने लगी. खूब पिया, फिर मैंने उनके आर्मपिट (कांख) के बाल को जीभ से चाटने लगा. वो काफी सेक्सी हो गई थी फिर मैं निचे गया. उनके चूत का दीदार करनें. उनकी चूत काफी फूली हुई थी. चूत पे घने बाल थे, मैंने उनके चूत को जीभ से चाटने लगा. उनके चूत से सफ़ेद सफ़ेद पानी आ रहा था. मैंने उनके चूत को चाट रहा था. वो अपने हाथ से तकिये को मसल रही थी और फिर अपने बूब्स को भी मसल रही थी. मैंने उनके दोनों पेअर को अलग अलग किया और बिच में बैठ गया.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। लंड को उनके चूत पर लगा कर अंदर घुसाया, अंदर जाते ही वो और भी ज्यादा कामुक हो गई,  उसके बाद वो गांड को हिलाने लगी. शरीर काफी भारी हो चूका था उनका पेट बहूत बड़ा था. मैंने लंड को उनके चूत में अंदर बाहर करना सुरु कर दिया. वो भी मुझसे खूब चुदवाने लगी. करीब ३० मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ गया, इसके पहले वो दो बार झड़ चुकी थी.फिर वो मुहे पकड़ कर सो गई. और मैंने उनके जिस्मो को बूब्स को होठ को गांड को चूत को सहलाता रहा.रात में जब उनकी नींद खुली उन्होंने मुस्कुरा के बोली, आप बहूत ही ज्यादा अच्छे हो और मुझे फिर से अपनी बाहों में भर ली. और चुदवाने लगी.कैसी लगी कविता भाभी की कहानियों , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर तुम कविता भाभी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/KavitaBhabhi

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