प्लम्बर ने चोदा मेरी बीवी को

ये प्लम्बर से चुदाई कहानी मेरी बीवी की चुदाई की है. आज मैं बाटूंगा कैसे प्लम्बर ने मेरी बीवी को चोदा,मेरी बीवी निहारिका देखने मे अच्छी लगती है मस्त गोरी और अच्छी फिगर 34 29 35. एक महीने पहले की ये बात है, मे रोज के जैसे 10 बजे ऑफीस के लिए घर से निकल रहा था की प्लमबर आया, मुझे देर हो रही थी इसलिए मेने निहारिका से कहाँ प्लमबर के शवर ठीक करा लो.मे ऑफीस के लिए निकल गया,जब ऑफीस फ़ोन हा तब ध्यान आया की अकाउंट की फाइल घर पे रह गयी है. मे घर वापिस आया फाइल लेने तो डोर लॉक था घर का मेने एक्सट्रा की से डोर खोला और अंदर गया, अंदर कोई नहीं था तो मे फाइल ले के जा रहा था, तभी मूज़े उपर से आवाज़ आई मे समझ गया निहारिका उपर है उसे सर्प्राइज़ देने के लिए मे दबे पैर उपर गया,उपर जा के देखा तो प्लमबर बातरूम मे स्टूल मे चढ़ा हुआ है और निहारिका ने स्टूल पकड़ा हुआ था,

मे देख रहा था प्लमबर का लंड निहारिका के मूह के एकदम करीब था,मे भी देखना चाहता था मेरी वाइफ क्या रिस्पांस देती है. इतने मे हे उस प्लमबर ने शवर खोल दिया और पूरा पानी निहारिका और प्लमबर के उपर गिर गया और दोनो भीग गये, निहारिका नाइटी मे थी उसके बूब्स क्लियर दिख रहे थे और उसकी पनटी भी.प्लमबर निहारिका की जवानी देख रहा था और उसका लंड बेकाबू हो रहा था, तभी वो स्टूल से उतरा और कहा मेडम मे भीग गया हू मूज़े बुखार हो जाएगा कल आऊंगा निहारिका ने कहाँ कुच्छ भी करके आज ठीक करलो, कहा मेडम मेरा पेंट पूरा गीला है मे बीमार हो जाऊंगा क्या मे इसे उतार सकता हू,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। निहारिका ने सोचा वैसे भी घर पे कोई नहीं तो बोला ठीक है. प्लमबर ने अपना पेंट उतार और सिर्फ़ अंडरवेर मे खड़ा था उसका लंड एकदम मोटा और बहुत लंबा दिख रहा था, वो फिर से स्टूल पे चढ़ा और निहारिका से कहा मेडम टाइट पकड़ना.गिर ना जौ, निहारिका ने स्टूल को फिट पकड़ा और निहारिका की आँखें उसके लंड को हे देख रही थी.तभी वो जानबूजकर ऐसे घुमा की उसका लंड निहारिका के लिप्स पे टच हो गया और ऐसे हे खड़ा रहा निहारिका भी उसका लंड देख बेकाबू हो गयी थी,
उसने पक्कड़ अपने अंडरवेर मे लटकाया और निहारिका से कहा पक्कड़ देने को, निहारिका जैसे पक्कड़ निकालने गयी उसका अंडरवेर तोड़ा नीचे हुआ और उसका लंड देखने लगा एकदम मोटा. फिर से एक दो बार पक्कड़ ऐसे लटकाया की उसका लंड पूरा निहारिका के मूह के सामने आ गया, निहारिका के लिप्स पे उसने अपना लंड टच कर दिया. उसका हार्ड और मोटा लंड देख निहारिका भी मचल रही थी, बिना कुच्छ सोचे उसके लंड को अपने लिप्स पे टच हो रखा.इतने मे उसने अपने लंड को धक्का दिया. अब तो निहारिका ने भी अपने लिप्स खोल दिया और लिप्स के बीच उसका लंड आ गया,उसने और लंड प्रेस किया निहारिका से रहा नहीं गया अब वो ये दमदार लंड को लेने के लिए मचल रही थी और झट से अपना मूह खोल दिया और मूह खुलते हे उसका लंड मूह मे घुस गया,

वो धक्के देता रहा और निहारिका के मूह मे लंड डालता रहा, निहारिका ने उसके मूह के सामने देखा और सेक्सी स्माइल दी, और मज़े से उसका लंड चूसने लगी, उसने कहा वा मेडम आप तो मस्त हो, निहारिका ने कहा पहली बार किसी मर्द का लंड मूह मे लिया है, उसने कहा क्यू साहब का नही चुस्ती, निहारिका ने कहा तुम्हारे जैसा लंड होता तो चुस्ती, निहारिका ने पूरा लंड मूह मे ले लिया, तभी तो स्टूल से नीचे उतरा और निहारिका को किस की और बूब्स दबाने लगा.निहारिका एकदम गरम हो गयी थी, उसने धीरे धीरे करके निहारिका का नाइटी उतार दिया, निहारिका के हिप्स देख के बोला. वा मेडम क्या मस्त गांड है, गोल गोल नरम नरम और निहारिका के आस पे हाथ घुमाने लगा और निहारिका की पेंटी उतार दी, और निहारिका को पीछे से पकड़ के उसके बस बताता गया और निहारिका के आस पे अपना लंड रगड़ता गया. निहारिका ने कहा बहुत मस्त लग रहा है मेरे सॉफ्ट गाल पे आपका हार्ड लंड.अब रहा नहीं जाता.इस दमदार लंड को लेना है.
तुम्हारा लंड मेरे हज़्बेंड से डबल बड़ा है और बहुत मोटा, मूह मे इतना मस्त लगा तो तो, वो बोला आपको मेरे लंड का टेस्ट अच्छा लगा,निहारिका ने कहा पूरा दिन चुस्ती रहूंगी, ऐसे बोलते हे निहारिका घुटनो पे बैठी और उसका लंड अपने हाथ मे लिया और मूह खोल के उसका लंड मूह मे ले के भूखी शेरनी की तरह चूसने लगी, उसने कहा बस निहारिका अब रहा नहीं जा रहा है बस मुझे तेरा चूत और गांड फाड़ना है,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने निहारिका के और आगे झुकाया और निहारिका की कमर को पकड़ के ज़ोर से धक्का मारा, उसका लंड अंदर जाते हे निहारिका च्चिलाई हे राम मर गयी. उसने कहा मेडम आप तो ऐसे च्चिला रही है जैसे पहली बार चुदाई रही हो. निहारिका ने कहा इतना मोटा लंड कभी नहीं लिया. फिर तो वो ज़ोर ज़ोर से निहारिका को चोदता रहा, निहारिका ने कहा और कितना चोदोगे मेरा दो बार पानी निकल गया. उसने कहा अभी नहीं तेरी चूत को मेरे लंड का मज़ा मिलना चाहिए..बोलते हे वो ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और निहारिका की सिसकारिया निकल गयी और बोली आज पता चला असली चुदाई किसे कहते है,वाउ क्या मर्द हो और क्या तगड़ा तुम्हारा लंड.. तब उसने कहा मेडम मेरे लंड से प्यार है तो किस कर दो इसे. ऐसे बोलते हे निहारिका घूम गयी और लंड को चूसने लगी वो भी ज़ोर ज़ोर से मूह मे लंड डालने लगा,फिर उसने कहा मेडम उठ जाओ और चूत चोदने दो. निहारिका की चूत पूरी फूल गयी थी तब उसने कहा मेडम आपकी चूत नहीं ले पा रही तो क्या इतनी मस्त गांड जो है अब आपकी गांड मारनी है, निहारिका ने बहुत ना कहा पर उसने निहारिका के पीछे आ के निहारिका की गांड पे लंड रख दिया, उसका लंड इतना हार्ड था की निहारिका की गांड को चिर के घुस गया,

निहारिका की आँख से आँसू निकल आए पर वो नहीं रुका और निहारिका की गांड मे धक्के मारने लगा. 5 मीं लगातारचोदता रहा फिर तो निहारिका को भी अच्छा लगने लगा. और उछाल उछाल के उसका लंड लेने लगी. उसने कहा क्या हुआ मेडम कैसा लग रहा है, निहारिका बोली आज पता चला गांड मारने मे कितनी मज़ा है,और बोली मेरे हब्बी के सामने मुझे चोदो तो उसे पता चले असली चुदाई किसे कहते है.काश पूरी रात मेरी गांड मारते रहो. फिर तो वो निहारिका की कमर को करके पक्कड़ के ज़ोर ज़ोर से गांड मे डालता रहा, निहारिका बोलती रही वा मेरे राजा तुम्हारे लंड ने तो जन्नत दिखा दी.वो बोला निहारिका तेरी गांड बहुत मस्त है,निहारिका ने कहा मारो अपने मस्त लंड से मेरी नरम गांड. क्या बताऊँ दोस्तों मुझे तो ye सब देखकर यकीन नहीं हो रहा था की मेरी इतनी शर्मीली और सिंपल वाइफ इतनी वाइल्ड होगी,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने अपना लंड गांड से निकल के फिर से चूत मे डाल दिया,निहारिका ने कहा मेरी तुम्हारा लंड तो बहुत जोरदार है पर मेरी चूत अब ज़्यादा नहीं ले पाएगी,तब उसने कहा पर इसे शांत करो तब निहारिका ने कहा ठीक है और प्लमबर को स्टूल पे बिताया और खुद घुटनो पे बैठी और उसका लंड मूह मे ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी लगा लग 10 मीं चूसने के बाद निहारिका को फिर से जोश चढ़ गया और प्लमबर को स्टूल पे बिता रखा और खुद प्लमबर के लंड पे बैठने लगी. वा मेडम क्या मस्त गांड है आओ बैठ जाओ मेरे लंड पे और मेरे लंड की सवारी करो, निहारिका धीरे धीरे उसके लंड पे बैठने लगी और पूरा लंड अपने गांड मे ले लिया.फिर तो निहारिका उसके लंड पे उपर नीचे होने लगी उसका लंड पूरा अंदर जा रहा था,निहारिका की गांड को उसने अपने हाथ मे लिया और ज़ोर ज़ोर से अपने लंड पे बिताया लगा आवाज़ आने लगी..पच पच पच,पच.दोनो हे चुदाई मे मासगुल हो गये,निहारिका ने उसके हाथ अपने बूब्स पे रखे और कहा दब्ाओ राजा,वो ज़ोर ज़ोर से निहारिका के बूब्स दबाने लगा निहारिका मदहोश हो गयी.तभी उसने कहा मेडम मेरा पानी निकालने वाला है बोलो ऋण कहाँ छ्चोड़ू.गांड मे.चूत मे या मूह मे,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। निहारिका ने कहा इस मस्त लंड का कमभी मस्त हे होगा इसका टेस्ट तो करना हे है, ऐसे बोल के झट से लंड के उपर से उठी और लंड को मूह मे ले लिया,वो निहारिका के सर को पकड़ के निहारिका के मूह मे चोदने जल्दी जल्दी आगे पीछे करने लगा तभी उसने ज़ोर से पिचकारी मारी निहारिका के मूह मे निहारिका का पूरा मूह भर गया, निहारिका ने कहा वाउ,नाइस टेस्ट,और उसके लंड को चाटने लगी.कैसी लगी प्लम्बर से चुदाई स्टोरी , शेयर करना , अगर कोई मेरी बीवी की चूत और गांड की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/NiharikaSharma

जालिम बॉय फ्रेंड ने बेरहमी से चूत की सील तोड़ी

मेरा नाम दीपा है, मैं 18 साल की हु, आज मेरे जिंदिगी का सबसे खूबसूरत दिन रहा, आज मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरे साथ सेक्स किया, मैं चाहती थी की मैं विवाह के बाद ही सेक्स करूँ पर जालिम ने आज ऐसी किश की की मैंने अपना होशो हवाश खो दिया और मैंने अपनी वर्जिनिटी खो दी, आज फ्रेंडशिप डे था और आज ही मेरे सील टूट गया, मैं अपनी कहानी आपको विस्तार से बताती हु, मैं अभी 12th में पढ़ती हु, मैं काफी सुन्दर हु, अपनी फिगर का भी काफी ध्यान रखती हु, मेरी साइज 34 -32 -34 है, मैं पूरी तरह से जवान हो चुकी हु पर सेक्सी के लिए मैंने लंबा इंतज़ार किया, आज वो तम्मन्ना पूरी हो गयी, मेरा एक ब्यॉय फ्रेंड नहीं अनिल वो 21 साल का है, वो मुझे बहुत प्यार करता है, वो मुझे काफी दिन से कह रहा था सेक्स करने के लिए, पर मैं १८ साल होने का इंतज़ार कर रही थी, आज मेरा 18 जनदिन था और आज ही फ्रेंडशिप डे भी था ,

आज मेरे मम्मी पापा दोनों वृन्दाबन गए थे और वो शाम तक लौटने बाले थे मैंने एग्जाम का बहन बना कर घर में ही रह गयी, क्यों की कल मेरा एग्जाम है माँ और पापा भी मान गए इसके लिए, मैंने सोचा आज ही मौका है, मेरे ब्यॉय फ्रेंड भी नाराज है आज मैं फ्रेंडशिप डे के दिन खुश कर देती हु, मैंने सुबह ६ बजे अनिल को फ़ोन किया और बोला अनिल हैप्पी फ्रेंडशिप डे उसने भी विश किया, और मैंने कहा मेरे गिफ्ट तो वो बोला तुम्हे क्या पसंद है, तो मैंने कहा इस बार तुम मुझे जैसा भी गिफ्ट देगा मैं तुम्हे ऐसा गिफ्ट दूंगी की तुम ज़िंदगी भर याद रखोगे, तो मैंने चाहती हु तुम मुझे एक डायमंड रिंग दो, तो बोला ठीक है, कहा मिलोगी तो मैंने कहा मेरे घर पे, पापा मम्मी घर पे नहीं है वो लोग देर शाम को आएंगे.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। वो खुश हो गया और करीब ११ बजे वो मेरे लिए एक डायमंड का रिंग लेके आ गया, मैंने उससे गले लगाया और किश किया, वो मुझे रिंग पहनाया और हुग किया उस दिन मैने स्लीव लेस, डीप नेक टाइट टॉप पहनी थी और काप्री डाली थी उससे सेक्सी लुक आया था. मैंने उसके लिए एक रोमांटिक सांग बजा राखी थी और कमरे को थोड़ा अँधेरा की हुए थी, .मैंने उसके लिए जूस लाये और पिने के लिए दी, फिर ग्लास एक तरफ रख क मेरे कान मे बोला आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो क्या आज हम दोनों फ़क कर सकते है तो मैं शर्मा गयी, उसने मुझे बहुत टाइट हग किया,ओर लीप लॉक किया फिर अपनी गोद मे उठा क मुझे बेड की तरफ ले गया ओर लिटा दिया फिर मेरे उपर आ गया ओर तेज तेज स्मूच करने लगा मैं उसके बाल पकड़ क उसका साथ देने लगी फिर उसने मेरे नेक पे गाल पे सिर पे आँखों पे किस किया. फिर उसने मेरा टॉप उतार दिया न पेट पे किस किया उसका एक हाथ मेरे बूब्स पे था फिर उसने कहा क्या तुम्हे ये अच्छा लग रहा है मैंने शरमाते हुए सर हिला दी हां का इसारा करके.

फिर उसने मेरी ब्रा उतार दिया और अलग फेक दिया और बहुत तेज दबाने लगा मैं काफी सेक्सी हो चुकी थी और मेरे मुह से आआह आआह आआह की आवाज़ निकल रही थी, फिर वो उन्हे चूसने लगा मैने उसके बालो को प्रेस की और बोली आ बेबी खा जाओ इन्हे आपके ही है उम्म मज़ा आ रहा है ओर तेज जानू चूसे लो पी लो मेरा दूध.. उसे मज़ा आने लगा.. और उसने मुझे 30 मीं तक वो कभी चूस्ता कभी दबाता रहा. फिर वो उठा और मेरी जीन्स खोल दिया उसने अपना भी अपना जीन्स और अंडर वियर भी मैं देख क दांग रह गयी न बोली कितना लंबा न मोटा है अंदर कैसे जाएगा तो बोला तुम देखते जाओ ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है ,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने मेरी पेंटी उतार दिया मैने उसकी शर्ट खोल दी हम दोनो न्यूड एक दूसरे से चिपके हुए थे ओर फिर मेरी चूत चाटने लगा मुझे भत मज़ा आ रहा था उसने मेरा हाथ पकड़ा न अपने लंड पे रख दिया उसका लंड बिल्कुल रब्बर की तरह सॉफ्ट है. फिर हम 69 की पोज़िशन मे आ गये ओर वो मेरी चूत को पागलों की तरह चूस रहा रहा था मैने भी उसका लंड अपने मूह मे ली और भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ी 15 मीं तक हम एक दूसरे क भोस्डे को पागलो की तरह चूस रहे थे फिर मैं झड़ गयी न उसने मेरा पूरा पानी पी गया फिर थोड़ी अर बाद वो भी झड़ गया न मैं उसका पूरा पानी पे गयी. फिर मुझे सीधा लिटा दियाआप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं बोली अब ओर मत तरसाओ डाल दो मैं तड़प रही हू आपसे चुदनेक लिए तो वो उठा और मेरे उपर आ गया फिर अपने लंड को मेरी चूत मे सेट किया ओर एक ज़ोर का झटका लगाया 2 इंच लड जा चुका था फिर1 झटके क बाद पूरा लंड अंदर चला गया मुझे बहुत बहुत दर्द हो रहा था मैं चीखने लगी मैंने महसूस किया की मेरी सील टूट चुकी थी क्यों की हल्का हल्का खून आ रहा था. फिर उसने मुझे स्मूच करना स्टार्ट कर दिया ओर एक क बाद एक स्ट्रोक मरने लगा. करीबन 10 मीं के बाद हम दोनो झड़ गये ओर उसने पूरा स्पर्म मेरे अंदर निकल दिया. फिर हम उठके तय्यार हो गये फिर मैंने उसके लिए कॉफी बना क लाई फिर कॉफी पिने के बाद ढेर सारी बाते की और फिर मैंने उससे थैंक्स कहा उसने मुझे आई लव यू, एंड फ्रेंडशिप डे कहा.कैसी लगी मेरी सेक्स स्टोरी , शेयर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/DeepaKumari

पड़ोस के लड़की को खेत में चोदा

ये चुदाई कहानी करीब 7 साल पुरानी है जब मैं 12 का एग्ज़ॅम दिया था रिज़ल्ट्स आने मे कुच्छ टाइम था मैं यूयेसेस समय फ्री था. ये मेरी पहली चुदाई थी, मैने पहली बार किसी लड़की को छोड़ा था. एग्ज़ॅम ख़तम हुए 1 साप्ताह हुए थे और मई अपनी आज़ादी की जिंदगी जी रहा था. एक दिन मई सुबह सुबह अपने बरामदे के बाहर बैठ क ब्रश कर रहा था तभी मेरे पड़ोस के घर से बड़ी ही खूबसूरत लड़की बाहर निकली, मैने उसे इससे पहले कभी नही देखा था. मैने अंदाज़ा लगाया की वो यहा अपने रिलेटिव के यहा आई थी. वो निकली, वो देखने मे जबरदस्त थी. बड़ी ही मस्त लग रही थी फिर पड़ोस की बुआ से बाते करने लग गयी. पहले नज़र मे ही मेरी नज़र उसे लग गयी और मई बड़े गौर से उसे देखने लगा.

मैं जानबूझकर जो हॅंडपंप वही बाहर लगा था वाहा जाकर फ्रेश हुआ और फिर आकर बैठ गया. थोड़ी देर बाद वो वाहा से चली गयी और इस तरह मैं उसे पहली बार देखा था. 1 या 2 दिन तक मैने उसे नोटीस किया और उसकी टाइमिंग्स वग़ैरह नोटीस किया फिर मैने नोटीस किया की वो भी मुझे अच्छा खासा घूर्ने लगी थी.मेरे बरामदे का दरवाजा और उसके बरामदे की खिड़की आमने सामने थी मैं अक्सर अपने बरामदे के बाहर कुर्शी लगा के बैठ जाता था और वो भी अपने बरामदे के खिड़की क पास बैठ जाती थी और थोड़ी थोड़ी देर मे पलट के मुझे देख भी लिया करती थी. मुझे भी लगने लगा था की सबकुच्छ सेट है बस एकबार बात सुरुआत करने की ज़रूरत है, और ये भी ख्वाहिश एक दिन पूरी हो गयी.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। हुआ यू की जो पड़ोस की बुआ थी जिससे वो पहले दिन बाते कर रही थी वो भी अनमॅरीड थी तो वो दोनो हमेशा उनके घर पे बैठा करते थे और टाइम पास किया करते थे, और मेरी भी बुआ से बहुत अच्छी खशी बनती थी. एक दिन मैं ऐसे ही घूमते हुए उनके घर जा पहुचा वो भी वाहा बैठी थी, बुआ बोली बहुत दिन से तू आया नही इधर बहुत बिज़ी हो गया है आजकल. मैने भी पूरी फ्लर्टिंग करते हुए कहा “नही बिज़ी आजकल आप रहती हो किसी क साथ इसीलिए मैं डिस्टर्ब नही कर रहा था”. दोनो हंस पड़े फिर मैं बैठ गया और हमारी वही बकचोदी सुरू हो गयी. बीच बीच मे हम दोनो एकदुसरे को घूर भी लिया करते थे. बात करते करते पता चल वो भी इस एअर दसवीं की एग्ज़ॅम दी और रिज़ल्ट मे टाइम था सो यहा आ गई अपने नानी के घर. और है उसका नाम भी उसी दिन पता चला, उसका नामे सोनी था.फिर ये सिलसिला चल पड़ा हमे बुआ का घर पास होने की वजह से मुझे लड़की पटाने का प्लॅटफॉर्म मिल गया मिलने का और बाते करने का और बहुत जल्द हम खुल गये और हर तरह की बाते शेयर करने लगे. पर मेरी हिम्मत नही हो रही थी की मैं बात आगे बढ़ा साकु. क्यों की इसके पहले कभी भी मेरे मन में किसी लड़की को पता कर चोदने का इरादा नहीं आया था. इस वजह से थोड़ा झिझक था की कभी कुछ गड़बड़ ना हो जाये. एक दिन ऐसे ही हम तीनो बैठ के बाते कर रहे थे की बुआ थोड़ी देर क बाद बाहर चली गयी. जैसे ही बुआ बाहर गयी हम दोनो बिल्कुल शांत हो गये और तोड़ा सा अनकंफर्टबल फील होने लगा.

फिर अचानक से उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे हाथ मे एक पेपर देके और वाहा से चली गयी. मैं शॉकड हो गया, मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, ये तो वही हुआ की आग शायद दोनों तरफ से लगी हुई थी, अब मुझे बैचेनी होने लगी और मेरे अंदर उसको पढ़ने की चुल मचने लगी. मैं भी बाहर आया और बुआ को बोला मैं अभी जा रहा हू फिर बाद मे आऊंगा . और वहा से निकल के अपने बरामदे मे पहुच गया. मैने लेटर खोला और पढ़ा ओह्ह माय गॉड क्या बताऊँ दोस्तों मेरे तो खुशी के मेरे पैर ज़मीन पे नही पड़ रहे थे, मुझे पहली बार किसी ने लव लेटर भेजा और वो जिसको मैं पसंद कर रहा था मैने भी बिना देर किए आनन फानन मे में मैं भी एक बड़ी ही रोमांटिक लेटर भेज दिया और इस तरह हमारी लोवे स्टोरी की सुरुआत हो गयी.
फिर हम कुछ दीनो तक यूँही शाम को अंधेरे मे मिलते और मैं उसको होठो को चूमता और चूचियों को दबाता और गांड को सहलाता और चूत पे भी हाथ फेर देता .आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर एक दिन शाम को उसने मुझे अपने बरामदे आने का इशारा किया ऑलमोस्ट अंधेरा हो चुका था. मैं वाहा गया तो उसने आते ही मुझे ज़ोर से भींच लिया अपनी बाहों मे फिर मैने उसके चेहरे को उठाया और एक जोरदार लीप किस दिया. फिर धीरे से मैने उसके चुचे दबा दिया और बोला क्या बात है आज कुछ ज़्यादा ही प्यार आ रहा है मेरी जान क्या बात है. उसने कुछ जवाब नही दिया. मैंउसके चुचियो को दबाने लगा और एक हाथ से उसकी गांड पे भी हाथ फेरता रहा. फिर मैं उसको लेके वही पड़े एक चौकी पे बैठ गया और उसके कमीज़ मे हाथ डालकर उसके चुचे को सहलाने लगा उसके ब्रा के उपर से.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने कान के पास आकर बोला मुझे आपसे मिलना है. मैने कहा अभी मिल ही तो रहे है. फिर उसने कहा कही अकेले मे, फिर मैने कहा अभी कौन सा सरेआम मिल रहे है. फिर वो चिढ़ गयी और बोली मेरा मतलब कही और जहा थोड़ा टाइम मिल सके अकेले मे. ये सुनकर मैंभी तोड़ा सर्प्राइज़ हुआ फिर अंदर ही अंदर खुश भी हुआ. मैने कहा बताओ तो कहा मिलना है और कब मैं जाऊंगा. उसने थोड़ी देर सोच क बोला खाना खाने क बाद सबलॉग सोने चले जाते है और मैंऔर बुआ जी उनके यहा बैठ के बाते करते है और मैं देर से सोने जाती हू. मैं घर पे बोल दूँगी बुआ जी के पास जा रही हू और थोड़ी देर बुआ जी से बात करके मैं निकल जाउंगी हम दोनो नानाजी के खलिहान मे मिलते है वाहा रात मे कोई नही होता. मैने कहा आइडिया अच्छा है. चलो मैं खाना खाने क बाद बरामदे मे ही रहता हू तुम बस मुझे बता देना निकालने से पहले.

हमारी डील हो गयी पक्की. कुछ ही घंटे बाकी थी हमारे मिलने के. ये मेरे लिए किसी हसीं सपने से काम नहीं था ये मेरे लिए पहली बार था ऐसा कुछ एहसास नही था की आज की रात क्या होने वाला है. मेरे दिमाग़ मे बस इतना ही था की हम मिल रहे है. मैंआज टाइम से थोड़ा पहले ही रात का खाना खाकर आके बरामदे के बाहर कुर्शी पर बैठ गया. तकरीबन आधे घंटे के अंदर वो बाहर आई और बुआ जी के घर मे चली गयी. तबतक घर के सब लोग सो चुके थे. गाँवो मे लोग जल्दी ही सो जाते है. 10 मीं मैं यूँही बैठा रहा फिर वो बुआ जी के घर से निकली और मेरी तरफ बढ़ी. मेरे पास पहुच कर उसने धीरे से कहा मैं निकल रहा हू 5 मिनिट क बाद तुम यहा से निकलना.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैने कहा ठीक है और वो आगे बढ़ गयी. मेरी एग्ज़ाइट्मेंट की तो बात ना पूछो नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों . मैं भी ज़्यादा देर तक इंतेजर नही कर पाया और 5 मीं के अंदर मैं भी निकल गया. धीरे धीरे वॉक करते हुए मैं पहुच गया खलिहान मे. वहा बिल्कुल सन्नाटा था और अंधेरा था अंदर घर मे एक धीमी रोशनी जल रही थी. मैं दबे पाँव आगे की तरफ बढ़ा और जैसे ही करीब तक पहुचा वो दरवाजे पे खड़ी थी उसने मेरा हाथ पकड़ के अंदर की तरफ खींच लिया. फिर हम दोनो अंदर रूम मे गये जहा एक खटिया पड़ा हुआ था. अंदर पहुच के हम दोनो खड़े हो गये दोनो एक दूसरे को खामोशी से देख रहे थे.फिर मैने उसे हग किया और उसे किस करने लगा और उसकी पीठ पे हाथ फेरने लगा. उसने भी मुझे टाइट्ली हग कर रखा था और किस करने मे पूरा साथ दे रही थी. फिर मेरा एक हाथ उसके चुचियो पे आ गया और उसकी कुरती के उपर से ही मैं उसकी चुचिया दबाने लगा. उसकी आँखें बंद होने लगी और धीरे धीरे मोन करना चालू हो गयी.

फिर उसने मेरा दूसरा हाथ पकड़ के खुद ही कुरती के अंदर कर के अपने चुचियो पे रख दिया उसके ब्रा के उपर से मैं उसकी चुचियो को सहलाना और दबाना शुरू कर दिया. फिर मैने उसकी कुरती निकली और उसकी ब्रा को भी खोल दिया अब उसकी नंगी चुचिया मेरे सामने थी मीडियम साइज़ की चुचिया और निपल्स एकदम से टाइट हो रखे थे. गजब का लग रहा था, मैने उसे बेड पे लिटाया और भूखे सेर की तरह उसकी चुचियो पे टूट पड़ा और उसकी चुचियो को चूसने लगा उसकी मोनिंग और भी गहरी होती जा रही थी. और वो अपना गांड उठा उठा के मेरे लॅंड पे रगड़ रही थी.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैने अपना एक हाथ उसके सलवार के उपर से ही उसकी चूत पे रख दिए और फिर उसके चूत को सहलाना शुरू कर दिया वो पूरी तरह से कामुक हो गयी थी और अपनी गांड उठा उठा के मेरे हाथ पे अपनी चूत रगड़ रही थी और मेरा सर अपनी चुचियो मे दबाए जा रही थी. मैं समझ गया अब ये चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार है. मैने अपना हाथ बढ़ा के उसके सलवार का नाडा खोलने की कोशिश की पर वो उलझ गया फिर उसने खुद ही अपना नारा खोल दिया. मैने उसकी सलवार निकल दिया और साथ ही पेंटी भी निकल दी औ वो पूरी नंगी मेरे सामने लेटी हुई थी. फिर वो उठी और मेरे लोवर को खींच के नीचे कर दी. और मेरे अंडरवेर मे हाथ डाल के मेरा लंड बाहर निकाला और उपर नीचे करने लगी मैं सच कहु तो इतना मज़ा रहा था मेरी आँखें बंद हो रही थी.फिर मैने अपना लोवर और अंडरवेर निकल के फिर उसे लिटा दिया और एक बार फिर से उसकी चुचियो को चूसने लगा और उसकी चूत मे उंगली करने लगा. थोड़ी देर ऐसा करने पर उसका कंट्रोल लूस होने लगा और उसने मेरा लंड पकड़ क बोली अब बहुत हो गया उंगली करना अब ये डालो. मैं भी बेताब था अपना लंड उसकी चूत मे डालने को मैने बिना देर किए लंड का सुपरा उसकी चूत पे निशाना लगाया और एक ज़ोर का झटका दिया पर निशाना चूक गया मैने फिर से ट्राइ किया बुत नो लक फिर उसने खुद ही मेरा लंड पकड़ के अपनी चूत पे सेट किया और फिर कहा आराम से अंदर डालो मैं भाग नही रही.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मैने इस बार तोड़ा आराम से डाला और आधा लंड अंदर चला गया, और हल्की सी सिसकारी निकली उसकी और उसने मुझे कस के पकड़ लिया और रुकने को बोला. मैं थोड़ी देर तक ऐसे ही रुका रहा और किस्सिंग करता रहा फिर उसे तोड़ा रिलॅक्स फील हुआ और उसने अपनी कमर हिलना सुरू कर दिया. मैं भी धीरे धीरे अपना लंड अंदर डालने लगा. और धीरे धीरे मेरा पूरा लंड उसके चूत मे चला गया.ये देख के मैं हैरान रह गया और समझ गया ये ऑलरेडी चुदी है. फिर मैं धीरे धीरे धक्को की स्पीड बढ़ता गया और वो भी अपनी गांद उठा उठा के मेरा लंड अपने चूत मे लेती जाती. बीच बीच मे हमारी किस्सिंग चलती रहती और मैं उसकी चुचियो को मसलना और सक करना चालू रखा. वो पूरे मज़े लेके चुदा रही थी. मेरा लंड उसकी चूत मे पूरी टाइट्ली अंदर तक जाती इससे मेरा एग्ज़ाइट्मेंट और बढ़ जाता था. कुछ धक्को के बाद उसने अचानक से मुझे ज़ोर से पकड़ लिया और अपनी पैर टाइट कर लिए एकदम से लगा जैसे मेरा लंड उसकी चूत मे जाम हो गया मैं समझ गया वो झाड़ रही है मैने धक्के लगाने चालू रखे. फिर थोड़ी देर मे उसका बदन ढीला पड़ा. मैने अपनी स्पीड थोड़ी स्लो की और उसको किस किया वो तो बिल्कुल पागलो की तरह मुझे चूमने चाटने लगी और मेरे बॅक पे हाथ फेरने लगी.

फिर उसने कहा मैं झड़ गयी तो मैने कहा लेकिन मैं तो नही झड़ा. उसने मेरे होठ को धीरे से दाँत काटते हुए कहा अब तुम्हारी बरी है, चलो सुरू हो जाओ पेलते जाओ अपना लंड अंदर. बहुत अच्छा है तुम्हारा लंड और तुम चोदते भी बहुत अच्छा हो. पहली बार उसने चुदाई और लंड की बाते करी मुझे मज़ा आया. मैने कहा तो फिर रेडी हो जाओ एक और राउंड के लिए और मैने एक ज़ोर का धक्का मारा. उसने भी अपनी गांद उठा के धक्के का जवाब दिया और कहा मैं हमेशा रेडी हू तुम बस चोदते जाओ जितनी मर्ज़ी करे आज तो चोद लो.
मैं और भी जोश मे आगेया और ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाने लगा. वो भी गांद उठा उठा के अपने चूत मे पूरा लंड लेने लगी और फिर उसकी पकड़ और ज़्यादा टाइट हो गयी. और उसने पैर इस तरह से टाइट कर लिए की मेरा लंड उसकी चूत मे टाइट्ली फँस क ज रहा था. 2 3 मिनिट के और धक्को के बाद मुझे लगा मैं अब झड़ने वाला हू. मैने उसे कहा मैं झड़ने वाला हू तो उसने कहा अंदर ही डाल दो मैं पिल्स ले लूँगी. फिर मैने 8 10 और तेज धक्के मारे और फिर उसकी चूत मे ही अपना सारा माल डाल दिया.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर ऐसे ही मैं उसके उपर थोड़ी देर लेता रहा. फिर उसने कहा चलो चलते है देर हो रही है. मैने कहा एक राउंड और बनता है तो उसने कहा क्यू कल से कही जाने बाले हो? मैने कहा नही तो उसने कहा तो कल की चुदाई के लिए भी कुच्छ बचा के रख लो. फिर हम दोनो हँसे फिर हम दोनो उठे और अपने अपने कपड़े ठीक किए और फिर पहले वो निकल गयी घर की तरफ फिर मैं भी चला गया,कैसी लगी खेत में चुदाई स्टोरी , शेयर करना , अगर कोई गाँव की लड़की की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/SunitaSharma

माँ और बेटी को एक साथ चोदा

आज मैं बाटूंगा कैसे  पड़ोस की भाभी नैना की माँ को चोदा पर नैना के बारे में आपको नहीं बता पाया आज मैं आपको बताने बाला हु, की नैना की माँ को तो खूब चोदा कल की कहानी में माँ ही चूद रही थी. जब मैं नैना की मम्मी को चोद रहा था तो उनकी दोनों चूचियाँ अपने हाथ में ले के मसलने लगा और उनके चूत में जोर जोर से झटके देने लगा. पूरा कमरा फच फच कर रहा था. और वो आह आह आह और मैं हाय हाय कर रहा था. तभी नैना आ गई कमरे में और बोली मम्मी आप दोनों क्या कर रहे हो आप दोनों को शर्म नहीं आती है? नैना की मम्मी बोली तुम यहाँ क्या कर रही हो?

तो नैना बोल उठी मैं तो आपकी रंगरेलियां देखने के लिए ही उठी थी, मैं तो कब से आपके जलवे देख रही हु परदे के पीछे से, तो नैना की मम्मी कहने लगी. बदतमीज तुम्हे शर्म नहीं आई. तो नैना बोल उठी हां हां चुद तो आप रहे थे किसी गैर मर्द से पापा के एब्सेंट में और शर्म मुझे होना चाहिए, आने दो पापा को मैं सब बात बताउंगी, आजकल आप बिना सेक्स के नहीं रह पा रहे हो तो पापा को क्यों जाने देते हो. और नैना रोने लगी. मैं चुपचाप दोनों का तमाशा देख रहा था.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
कुछ देर बाद नैना की माँ पूछी रो क्यों रही हो. तुम्हे तो पता है तुम्हारे पापा टाइम नहीं दे पाते है, मैंने क्या गलत किया. तो नैना बोल उठी आपने ये गलत किया की करण को मैं चाहती हु, पर आज तक मैं करण को बोल नहीं पाई. मैं करण को पसंद करती हु, अब क्या बताऊँ दोस्तों मैं तो हैरान रह गया, माँ और बेटी दोनों मेरे ऊपर फ़िदा वाओ, मैं तो खुश हो गया, तभी नैना की मम्मी बोली ये क्या कह रही हो. तो नैना बोली हां मैं सच कह रही हु, पर मैं अब आपको नहीं छोडूंगी पापा को सब बात बताउंगी. फिर नैना की मम्मी नैना को पकड़कर दूसरे कमरे में ले चली गई. और करीब २० मिनट बाद नैना आई. वो खुश थी. और आते ही मेरे से लिपट गई. और मेरे होठों को चूमने लगी. और कहने लगी. मैं कब से आपसे सेक्स सम्बन्ध बनाना चाह रही थी पर मौक़ा नहीं मिला मुझे डर था की कही आप मम्मी को ना बता दोगे.

पर आज मम्मी मेरे ही ख्वाब पे हाथ साफ़ कर ली. मुझे बहुत बुरा लगा. मैं तो मूड में था ही. क्यों की मैंने अभी झडा नहीं था लैंड सलामी दे रहा था, मैंने नैना के गदराए जिस्म को सहलाने लगा ओह्ह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों जब मेरा हाथ नैना के चूचियों पे पड़ा ओह्ह्ह मजा आ गया मैंने तुरंत उसके टीशर्ट को उतार दिया वो अंदर ब्रा पहनी थी तुरंत उतार फेंका और निप्पल को दन्त से काटने लगा. नैना कह रही थी धीरे धीरे. प्लीज, मैंने उसके होठ को चूसने लगा क्या गुलाबी होठ थे यार, गोरी थी इस वजह से जहां भी गाल पर किश करता वही लाल लाल निशान बन रहे थे. मैंने उसका काप्री उतार दी वो डिज़ाइनर पेंटी में थी. वो भी गुलाबी कलर का मैं निचे होके उसके पेंटी को सुंघा, तभी मदहोश हो गया. गजब का खशबू था,आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने तुरंत उसके पेंटी को उतार दिया और दोनों पैरों को अलग अलग करके देखने लगा, अभी हलके हकले भूरे रंग के झांट थे, फिर मैंने नैना के चूत को दोनों ऊँगली से चिर कर देखा अंदर गुलाबी लग रहा था और अंदर कोई भी छेद दिखाई नहीं दे रहा था. मैंने ऊँगली डालने की कोशिश की पर नैना ने मना कर दी. मैंने अपना लण्ड नैना के चूत पर लगाया, नैना की चूत गीली हो चुकी थी वो सिसकियाँ ले रही थी. मैंने जोर से धक्का मार पर चूत में मेरा लण्ड नहीं गया क्यों की नैना की चूत काफी टाइट थी. फिर से मैंने अपने लण्ड में थूक लगाया और फिर चूत के मुंह पे रख और जोर से धक्का लगाया अब नैना जोर से चिल्ला उठी मर गई मैं. तभी नैना की मम्मी दौड़कर आ गई. और अपने बेटी को सहलाने लगी. नैना के आँख में आँशु थे. मैंने हौले हौले से लण्ड को नैना के चूत में डालने लगा. थोड़े देर बाद ही वो नार्मल हो गई और वो भी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने भी जोर जोर से नैना को चोद रहा था नैना के चूच को उसकी मम्मी सहला रही थी और धक्का पे धक्का दे रहा था. फिर नैना की मम्मी सो गई और मुझे खींच ली. अब मैं नैना की मम्मी को चोदने लगा और नैना अपनी चूच मेरे पीठ में रगड़ रही थी. इस तरह से मैंने कभी नैना को कभी उसकी मम्मी को चोद रहा था और वो दोनों खूब मजे ले रही थी. दोस्तों क्या बताऊँ वो दिन मेरे ज़िंदगी का सबसे हसीं दिन है. बहुत मजा आया ये मेरे ज़िंदगी का सबसे मजेदार में से एक दिन है. कैसी लगी हम डॉनो मां बेटी की सेक्स स्टोरी , शेयर करना , अगर कोई मां की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/NainaKumari

माँ और बेटी को कुल मिलाकर चोदा

दोस्तों अगर आपको माँ और बेटी दोनों को एक ही रात में चोदने का मौका मिले तो कैसा लगेगा,  मेरी वाइफ मायके गई थी तब की ये घटना है, मेरे पड़ोस में एक फैमिली रहती है, पति का टूरिंग का जॉब है इसलिए वो दिल्ली से बाहर ही ज्यादा रहता है, उनके घर पे पति पत्नी और उनकी एक बेटी नैना है नैना अभी 12वी में पढ़ती है उसकी मम्मी की उम्र ३६ साल है, नैना के मम्मी को देखकर कोई नहीं कह सकता है की वो ३६ साल की होगी, वो दोनों माँ बेटी बड़ी छोटी बहन लगती है. मेरा तो लण्ड कब से उनदोनो को देखकर खड़ा होता था पर करते भी क्या मूठ मार के या तो पत्नी को चोदते समय उन दोनों को याद करके अपना माल खल्लास करता था. पर ये एक दिन हकीकत में बदल गया मेरा सपना.

एक दिन की बात है, नैना की मम्मी मेरे यहाँ आई और अपने बेटी के लिए कुछ कोर्स की बात करने आई, मेरे कहने के मुताबिक नैना बीएड में दाखिला लिया, तब से हम दोनों घर बालों के बिच में एक रिश्ता बन गया, आना जाना हो गया, जब भी उसके यहाँ कुछ अच्छी चीज बनती थी मेरे घर जरूर भेजती और मेरे यहाँ से भी उनके यहाँ जाता. इस तरह से हम दोनों घर के बिच में काफी अच्छा रिश्ता हो गया. जब भी नैना को कोई सब्जेक्ट में दिक्कत होती या कुछ पूछना होता वो मेरे घर चली आती. इस तरह से नैना मेरे से काफी खुल चुकी थी. धीरे धीरे रिश्ता काफी प्रगाढ़ हो गया.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। नैना की मम्मी को मैं भाभी कहता, और कभी कभार मैं हसी मजाक भी कर लेता धीरे धीरे थोड़ा और नजदीकी मजाक करने लगा. जैसे की क्या हाल भी भाभी आज सोये नहीं क्या आँख लाल लाल है भैया रात भर सोने नहीं दिए क्या, तब तो भी थोड़ी थोड़ी इस तरह से मजाक करने लगी. वो भी कहती क्या बात है बड़े कमजोर लग रहे हो आज कल लगता है दो तिन ट्रिप हो जाता है रात में क्या? क्या बीवी छोड़ती नहीं है क्या? इस तरह से वो भी काफी खुल गई थी.एक दिन की बात है मैं निचे घूम रहा था तभी वो दोनों माँ बेटी बाजार से आ रही थी. आपको तो पता है मेरी वाइफ गाँव गई है. तो भाभी बोली की कहना खा लिए तो मैंने कहा नहीं नहीं यार जाता हु ढाबा से लाऊँगा, अभी नहीं खाया तो भाभी कहने लगी मैं भी अभी नहीं बनाई है चलो मैं तुम्हारे लिए भी बना देती हु. मुझे भी लगा चलो बोर हो रहा हु अकेले अकेले, मैं भी उन दोनों के साथ हो लिए और चला गया, घर पहुंच कर वो कपडे चेंज की पर जब वो कपडे चेंज कर के आई तो मेरी आँख खुली की खुली रह गई. क्यों की वो नाइटी पहनी थी वो स्लीवलेस था, वो भी पतली स्लेक्स टाइप की पिंक कलर की, यार क्या बताऊँ गजब की हॉट लग रही थी, आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अंदर वो ब्रा नहीं पहनी थी इस वजह से उनकी चूचियाँ हिल रही थी और निप्पल साफ़ साफ़ नाईटी के ऊपर से दिख रहा था, वो गांड में उनकी नाइटी चिपकी थी इस वजह से गजब लग रही थी ऊपर वो वो बाल ऊपर बाँध ली और लिपस्टिक लगा ली. मैं तो देख कर दंग रह गया, और सोचने लगा की काश मेरी भी बीवी ऐसी होती या तो इनको मुझे चोदने का मौक़ा मिल जाये, तभी वो बोल पड़ी क्या बात है क्या देख रहे हो इतने गौर से पलक बिना झपकाए.

मैं हड़बड़ा गया और बोल नहीं नहीं कुछ भी तो नहीं, पर वो बोली छुपा रहे हो, मुझे पता है क्या क्या देख रहे थे मुझमे, फिर वो मुस्कुरा कर बोली क्यों मन में कुछ चल रहा है क्या. मैंने कहा चल तो बहुत कुछ रहा है पर क्या करूँ इतनी अच्छी किस्मत कहा? तो वो बोली किस्मत तो बन जाता है. मैंने कहा ये तो आप पे निर्भर करता है, तो वो बोली खर्च करना पड़ेगा, मैंने कहा ठीक है. तो वो बोली मैं कोई रंडी हु जो पैसे लुंगी, तो मैंने कहा आप ही तो कह रहे थे की खर्च करना पड़ेगा? तो भाभी बोली अरे यार गिफ्ट तो दे सकते हो. मैंने कहा क्या चाहिए तो वो बोली एक गोल्ड का रिंग. मैंने कहा ठीक है कल चल पड़ना. बोली ठीक है. पर ये बात मैंने कहा हां भाभी समझ गया हु, मैं क्यों बोलूंगा मेरी भी बीवी है.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। और रात को कहना तीनो मिलकर खाया और मैं और भाभी दोनों टीवी देखने लगे. नैना सोने चली गई. जब हम दोनों को लगा की नैना सो गई. हम दोनों एक दूसरे पर टूट पड़े. मैं तो उनके होठ को चूसने लगा. गजब का एहसास था यार बड़ी बड़ी गोल गोल चूचियाँ जो की मेरे एक हाथ में नहीं आ रहा था दबा रहा था मैं. वो आह आह आह कर रही थी और मेरे होठ को चूमने लगी. उसके बाद मैंने उनको गोद में उठाया और उनके बैडरूम में ले गया और पटक दिया बेड पे, और ऊपर चढ़कर उनकी चूचियाँ दबाने लगा. गजब माल थी यार फिर मैंने उनकी नाइटी उतार दी वो अंदर कुछ भी नहीं पहनी थी. गोल गोल चूचियाँ, चूत एक दम क्लीन था वो आज ही सेव की थी. मोटे मोटे जांघ ओह्ह्ह भरा पूरा गोरा बदन मैं तो ऊपर से निचे तक चाटने लगा.
फिर मैंने 69 की पोजीशन में आ गया मैं उनके चूत को चाट रहा था और फिर वो मेरे लण्ड को चाट रही थी. उनके चूत से गरम गरम पानी निकल रहा था और मैं अपने जीभ से चाट चाट कर साफ़ कर दे रहा था. उनकी चूत काफी गरम हो चुकी थी, फिर मैंने उनके चूत में ऊँगली डालने लगा, वो मेरे ऊँगली को दोनों जांघों के बिच में दबा दी. और सिसकियाँ लेने लगी. फिर मैंने ऊँगली अंदर बाहर करने लगा. वो आह आह करने लगी. फिर सीधा हो गया और मैंने उनके बाल खोल दिए, और हाथ ऊपर कर दिए. आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उनके कांख में काले काले बाल थे. मैंने उनके कांख को जीभ से चाटने लगा. ओह क्या बताऊँ दोस्तों कैसा मजा लग रहा था. फिर मैंने अपने जीभ से उनके निप्पल को सहलाने लगा फिर वो वो कमाल की अंगड़ाई लेने लगी. और कहने लगी. अब बर्दास्त नहीं हो रहा है. दे दो लण्ड अपना मेरे चूत में.
मैंने कहा अभी कहा अभी तो मैं और भी ज्यादा गरम करूँगा अभी तो समय नहीं हुआ है अभी मैं मैं आपकी हालात और भी ज्यादा ख़राब कर दूंगा. तो भाभी बोली ज्यादा बक बक मत करो नहीं मैं मैं आपको पूरी की पूरी अपने चूत में डाल लुंगी. तो मैंने कहा आप मेरा लण्ड ही अपने चूत में बर्दाश्त कर लो यहाँ काफी है. तो भाभी बोली देख क्या रहे हो try कर लो. मैंने भी उनके दोनों जांघों को फैला दिया, और चूत पे अपना मोटा लण्ड रखकर, जोर से धक्का मारा पूरा का पूरा लण्ड उनके चूत में समा गया. वो चीखकर बोली, मेरी चूत फट गई. ओह्ह्ह आह आह उफ़ उफ़ उफ़ कितना मोटा लण्ड है आपका, और मैंने फिर उनकी दोनों चूचियाँ अपने हाथ में ले के मसलने लगा और उनके चूत में जोर जोर से झटके देने लगा. पूरा कमरा फच फच कर रहा था. और वो आह आह आह और मैं हाय हाय कर रहा था. तभी नैना आ गई कमरे में और बोली मम्मी आप दोनों क्या कर रहे हो आप दोनों को शर्म नहीं आती है? शेष कहानी दूसरे एपिसोड में जरूर पढ़े ये और भी हॉट है. क्यों की तभी नैना को भी चोदा था मैंने नैना तो वर्जिन थी. कैसे उसकी मम्मी उसको साथ में लेके चुदाई थी. पूरी कहानी पढ़े दूसरे एपिसोड में.कैसी लगी माँ और बेटी की सेक्स स्टोरी , शेयर करना , अगर कोई मां की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/RenuaDebi

पति जी ने मुझे अपनी दोस्तों से चुदवाकर रंडी बनाया

मेरा नाम मीनू है, मेरी उम्र अभी २८ साल है, छरहरा बदन, मीडियम कद, नहीं नक्श बहुत ही सुन्दर, ३४ की साइज की ब्रा पहनती हु, अक्सर साडी ही पहनती हु. साडी मेरे शारीर पे बहुत ही ज्यादा जचती है, क्यों की आगे से चूचियाँ मेरी टाइट है पेट सटा पर ब्लाउज से उभार बाहर को आता है और पीछे से गांड चौड़ी, चूतड़ बाहर निकला हुआ. चाल थोड़ी मस्तानी, हिल बाली सैंडल पहनती हु, कथई रंग की लिपस्टिक लगाती हु, कहने का मतलब काफी सुन्दर हु,

जब मैं अठारह साल की हुई मैं लड़को के तरफ आकर्षित हो गई, कई दोस्त बने कइयों से मेरा सेक्स सम्बन्ध भी बना पर मेरा सील तोड़ने का मौका मेरे जीजा को मिला उन्होंने मुझे खूब चोदा मैं भी खूब मजे ली, उसका नतीजा ये निकला की मैं और भी निखर गई, मेरे स्तन और बड़े बड़े हो गए मेरा गांड का उभर और बड़ा हो गया जाँघे मोटी मोटी हो गई, चेहरे पे चमक आ गया, होठ मेरे गुलाब की पंखुड़ी के तरह हो गया, अब मैं जवानी से सराबोर थी. मेरे से एक गलती हो गई, जीजा जी के एक दोस्त के साथ मेरा प्रेम सम्बन्ध हो गया और मैं कुछ दिनों में ही शादी के बंधन में बांध गई.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
मेरे पति का रहन सहन और स्टाइल बड़ी ही जबरदस्त था, और मुझे उन्होंने बताया की दिल्ली की एक बड़ी कंपनी में मैनेजर है और वो देश विदेश खूब घूमते है, मैं भी वही सब ख्वाब देख रही थी पर ये सच्चाई ज्यादा दिन तक नहीं चला और मुझे असलियत का पता चल गया, मेरा पति कर्ज में डूबा हुआ था अपने शौक को पूरा करने के लिए वो अपने दोस्तों से भरी भरकम कर्ज ले रख था पढ़ा लिखा भी ज्यादा नहीं था पर वो अपने आप को ग्रेजुएट कहता था, सच पूछो दोस्तों मुझे तो ऐसा सदमा लगा, पर मैं ये बात किसी और से बता भी नहीं सकती, क्यों की शादी मैंने अपनी मर्जी से की थी, मैं खून की घुट पीकर रहने लगी, घर में तनाव का माहौल रहने लगा, रोज रोज झगड़ा होने लगा,

अब रोज रोज कर्ज लेने बाले का फ़ोन आता और सुबह सुबह घर पर आता वो भी मेरे पति को बहुत गलियां देके जाता, मुझे अच्छा भी नहीं लगता रोज रोज जिल्लत सहनी पड़ती, आखिरकार मेरा सब्र का बांध टूट गया और मैंने एक कंपनी में जो की नेहरू प्लेस में था जॉब करने लगी, पर ये बात मेरे पति को अच्छा नहीं लगता था, आपको तो पता है किसी की बीवी अगर सुन्दर हो, और जॉब करने जाये और पति निकम्मा और कम कमाने बाला हो तो उसको अपने बीवी पे शक हो जाता है, अब वो मुझे शक की दृष्टि से देखने लगे, उन्हें लगता था की मैं ऑफिस के लड़के से फसी हु, और मेरा एक लड़के के साथ सेक्स सम्बन्ध है पर ऐसा कुछ भी नहीं था.
ज्यादा कलह की वजह से मैं वो नौकरी छोड़ दी, पर घर में पति के पैसे से घर नहीं चल रहा था, उसपर से एक आदमी का दो लाख रुपया बाकी था इस वजह से वो रोज धमकी देता था, मेरे पति काफी परेशान रहने लगे, एक दिन की बात है मेरे पति ने मुझसे कहा की देखो मीनू अगर हम दोनों को अच्छी ज़िंदगी जीनी है तो पहले मुझे कर्ज तोड़ना पड़ेगा और मैं इस कर्ज को नहीं तोड़ सकता, जिससे मैंने कर्ज लिया है उसने कहा की अगर मैं तुम्हे उसके पास भेजु तो वो मेरा कर्ज माफ़ कर देगा, मुझे काफी गुस्सा आया वो मेरा सौदा करना चाह रहा था, घर में लड़ाई झगडे होने लगे, घर में दिन रात कलह का वातावरण हो गया, मैं काफी परेशान रहने लगी, इसी बिच मेरा पति एक दिन आत्म हत्या करने के लिए फांसी पे लटक गया पर मैं मौके पर पहुंच गई और उनको बचा लिया, वो बहुत रोने लगे और मैं हार गई मैंने कहा ठीक है मैं वही करुँगी जो आप कहोगे.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उसके बाद वो दूसरे दिन अपने दोस्त से बात किये, उनका दोस्त बोल की ठीक है मैं मीनू को लेके मनाली जाऊंगा तिन दिन के लिए, वो मान गए और मैं भी मान गई, शाम को कुछ अच्छे अच्छे कपडे लेके उनका दोस्त घर पे आया, और सुबह मुझे मनाली के लिए निकालना था, सुंबह सुबह घर से थोड़ी दूर से ही उनके दोस्त का फ़ोन आ गया की मैं हनुमान मंदिर के मोड़ पर हु, मुझे छोड़ने मेरा पति गया. कमाल का मंजर था, मेरा पति मुझे किसी और को सौंपने गया, मैं कार में बैठ गई, और रात को मनाली पहुंच गई. वहां जाकर एक होटल जो की आलीशान था, बुक कराया और होटल बाले को बोल की मैं हानीमून ट्रिप पे हु, और हानीमून पैकेज लिया.

रात को बेड सजाया गया, कहना पीना खाकर राजीव (पति का दोस्त) मुझे एक लाल साडी पहनने दिया और कहा आप इससे पहन लो, मैं आज आपके साथ सुहागरात मनाऊंगा, मैंने कपड़े चेंज कर ली, और फिर मुझे उसने अपनी बाहों में भर लिया, राजीव देखने में काफी सुन्दर और लम्बा चौड़ा था, सच पूछो तो मैं भी पिघल गई, उसके बाजू और छाती के बाल को देखकर धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे का कपडे उतार दिए और वो मेरी चूचियों को मुंह में लेके चाटने लगा और मेरे निप्पल को पिने लगा. मैं राजीव के पीठ को सहला रही थी, मेरी चूत काफी गीली हो चुकी थी था तो गलत मैं किसी और के बाहों में थी. पर आज तक ऐसा रंगीन और खुशनुमा माहौल नहीं मिला था, मैं भी सब पुराणी बातों को भूल कर मैं भी आनंद लेने लगी.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। राजीव मेरे चूत को जीभ से चाटने लगा, मैं भी उसके लण्ड को सहलाने लगी. और देखते ही देखते उसका लण्ड करीब आठ इंच का हो गया पहली बार मैं इतना बड़ा मोटा और काला लण्ड देखा था, सच पूछो दोस्तों मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, मैं सेक्स की आंधी में उड़ रही थी. राजीव का मोटा लण्ड मैंने तुरंत अपने मुंह में ले लिया, और चाभने लगी. राजीव के मुंह से आह आह आह आह आह मेरी जान मीनू निकल रहा था, मैंने भी चाट रही थी. उसके बाद राजीव ने मेरे गांड में अपनी ऊँगली घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा मैंने कहा, चूल्हा तप रहा था, उसको शांत करो तभी वो तुरंत अपने ऊँगली को गांड से निकाल कर मेरे चूत में डाल दिया, और अंदर बाहर करने लगा और दांत पिस्ते हुए कह रहा था तेरी चूत तो गजब की है मीनू, आह आज तो मुझे मजा गया.

और फिर उसने मुझे निचे कर के मेरे पैर को अपने दोनों कंधे पे लिया, और अपना लण्ड मेरे चूत के छेद पर रखकर अंदर डालने लगा. पहली बार इतना मोटा लण्ड का एहसास हो रहा था मेरे होठ सुख रहे थे, मैं आनंद की चरम सीमा पे थी. और फिर क्या बताऊँ नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के दोस्तों, पहली बार ऐसी चुदाई, बस कमरे में फच फच की आवाज आ रही थी और मेरे मुंह से आह आह उफ़ उफ़ औच की आवाज से कमरा गूंज रहा था. रात भर राजीव मुझे चोद चोद कर भरता बना दिया था. खूब चुदी मैं, सच पूछो तो अपनी जवानी का मजे मैं उसी रात लिए थे मैं पूरी तरह से संतुष्ट हो गई थी.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मनाली में तिन दिन रुके, इस विच हम लोग ज्यादा समय चुदाई में ही लगाया, फिर तीसरे दिन वापस दिल्ली आये, मेरे चेहरे में ख़ुशी थी. मेरा पति मेरे चेहरे को देख रहा था, उसी दिन शाम को राजीव घर पे आया और बोला, मुझे अब आपलोग से कोई लेन देन नहीं है, पर भाभी जी आप मेरा ध्यान रखना, अब आपलोग की किसी चीज की कमी हो तो ये बन्दा आपके लिए हाजिर है. और कहकर चला गया.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर क्या बताऊँ दोस्तों मैं एक एक कर के उनके सारे दोस्तों के साथ सोई और सबका कर्ज उतार दिया. जब सबका कर्ज उतर गया तो मैंने अपना और पति का फ़ोन नंबर चेंज किया, पति दूसरे जगह नौकरी करने लगे और जहां रहते थे वह से भी मकान चेंज कर लिया. अब कोई पैसे मांगने बाला नहीं है. ज़िंदगी ठीक चलने लगी. मैं भी एक अच्छी से जॉब कर ली. दोनों के सैलरी से घर अच्छा चल रहा था, पर जो सुख नहीं है वो है सेक्स की. मैं अपने पति से संतुष्ट नहीं हो पा रही हु. क्यों की मैंने कई सारे लण्ड का स्वाद चख ली हु, अब मुझे कभी कभी वो सब लण्ड की याद आती है. अगर कोई हैंडसम जो मेरे से रिश्ता (सिर्फ सेक्स) रखना चाहता है तो कमेंट करें. मैं सोने के लिए तैयार हु. पर लण्ड मोटा और लंबा होनी चाहिए,तो अब जोड़ना Facebook.com/MeenuSharma

भाई ने अपनी अविवाहित बहन को चोदकर कुंवारी माँ बनाया

मेरा नाम जूही है, मैं अभी 21 साल की हु, और कुंवारी माँ बनने बाली हु और मेरे बच्चे का होने बाला पापा और कोई नहीं मेरा भाई है, आपको थोड़ा अजीब लग रहा होगा पर ये बात सच है, आपको आज मैं अपनी मन की बात कह रही हु, क्यों की मैं आज तक किसी से ये बात कह नहीं पाई हु, और आज मैं आपके ऊपर छोड़ रही हु की मैं क्या करूँ, मेरे गर्व में तीन महीने का बच्चा है, क्यों की मैं प्रेगनेंसी टेस्ट करने बाली किट से चेक की हु और मेरा टेस्ट पॉजिटिव है, और तीन महीने से माहवारी भी नहीं हुई है. मैं आज आपको अपनी पूरी कहानी लिखने जा रही हु.

कल मैं दिन रात सोचते रही की मुझे अपनी ये कहानी लिखनी चाहिए की नहीं, दिन भर इंटरनेट पे इधर उधर देखती रही, तब मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे ऐसी कई सारे कहानियां मिली जिसमे भाई बहन के सेक्स के बारे में था. तो मैं भी सोची की क्यों ना अपना दिल का बोझ हल्का करूँ, तो मैं अब सीधे कहानी पे आती हु. मेरा भाई जो की मुझसे दो साल बड़ा है, उसका नाम कवीर है, मैं कवीर भैया कहती हु, हमलोग इंदौर के रहने बाले है. और दिल्ली में रह कर पढाई करते है. माँ पापा दोनों कॉलेज में प्रोफेसर है, दिल्ली के मॉडल टाउन में हम दोनों भाई बहन किराए के मकान में रहते है. मेरा भाई कम्पटीशन का तैयारी कर रह है और मैं बी कॉम में पढ़ती हु.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। जब मैं दिल्ली आई तो यहाँ की चकाचौंध में खो गई, और मैं कुछ ज्यादा ही मॉडर्न बन गई, अपने कॉलेज के दोस्त के साथ सिगरेट पीना मॉल में घूमना शॉपिंग करना, और अच्छे अच्छे ड्रेस लाना और पहनना, क्यों की मुझे यहाँ पर खुली छूट मिली थी, माँ और पापा दोनों अपने अपने जॉब पे है मध्य प्रदेश में, तो किसी का डर नहीं था, मुझे अपने चेहरे अपर कपडे का काफी ध्यान रहता हाउ इस वजह से मैं हमेशा मैं ब्यूटी पार्लर जाती थी, और दिल्ली में एक मार्किट है सरोजिनी नगर मार्किट जहां से लेटेस्ट और मॉडर्न कपडे लेती थी, दिन में तो थोड़ा ठीक ठाक कपडे पहनती पर रात में गर्मी के चलते मैं बिलकुल छोटा सा स्कर्ट और ऊपर एक पतली सी बनियान के तरह, मेरी चूचियाँ जो की बड़ी ही सुडौल और अच्छी साइज की थी ऊपर से आधी दिखती रहती थी, और छोटे से स्कर्ट से मेरी मोटी मोटी गोल गोल गोरी गोरी जाँघे जो की किसी का भी लण्ड खड़ा कर दे ऐसी थी.

ये सब देख कर मेरा भाई रोज रोज बाथरूम में जाकर और नहीं तो सिर्फ चादर ओढ़कर मूठ मारते रहता था मैंने कई बार नोटिस की थी पर मुझे अच्छा लगता था, वो मुझसे हमेशा टच करता था और जब मैं बैठ कर पढ़ती थी, तब वो मेरी चूचियों को ऊपर से देखते रहता था, और कोशिश करता था मेरी पेंटी भी दिख जाये, धीरे धीरे मैंने मोबाइल फ़ोन पर एडल्ट क्लिप देखने लगी, रात को बाथरूम में जाकर एडल्ट मूवी देखते और अपनी चूचियाँ मसलती, और अपने चूत को सहलाती, जब मैं अपने बदन को खुद सहलाती तो मेरे पुरे शारीर में सिहरन हो जाती और मेरी चूत गीली हो जाती फिर पानी पि कर कोल्ड ड्रिंक्स पि कर अपने बदन की ज्वाला को शांत करती. फिर मैंने अपनी एक दो सहेली से बात करने लगी की क्या वो सेक्स करती है.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। ज्योति मेरी फ्रेंड्स थी. उसने कहा की मैंने अपने मामा जी के बेटे जो की मेरा रिश्ते में भाई लगता है उससे मैं सेक्स सम्बन्ध बनाती हु, और कई लड़कियां थी जिसने खुल कर मुझसे बात की और बोली की हां मैं वर्जिन नहीं हु, सभी न कहीं ना कही मुँह मारी ही थी. तब मेरा हौसला बढ़ा, और मैंने अपने भाई को भी अपनी बहसी निगाहों से देखने लगी. अब मुझे अपने ही भाई के डोले सोले और सिक्स पैक पैक अच्छे लगने लगे, उसके बाद अब मैं भी उसको टच करने लगी, वो तो पहले से भी मेरी भड़काऊ ड्रेस से मोहित था अब मैं भी लाइन देने लगी. मैंने ज्योति से खुल कर बात की की ज्योति तुम मुझे बताओ मैं क्या करूँ मैं वासना की आग में जल रही हु, मैं चुदना चाहती हु, मेरे योनि की ज्वाला शांत नहीं हो रही है, मैं पागल हो जाउंगी दिन भर मुझे लड़को के बारे में ही khyaal आते रहता है, मैं बड़ी ही मुश्किल दौर से गुजर रही हु, तू ही मुझे कुछ राय दो. तो उसने कहा एक काम कर तू भी मेरे मामा जी लड़के विक्की से चुदवा ले मैं भी तो उसी से चुदवाती हु, ऐसा करने से घर की बात घर में ही रह जाएगी और तुम्हे कोई ब्लैक मेल भी नहीं करेगा, मुझे उसकी ये बात जच गई.

दो दिन तक सोचते रही, पर मुझे अच्छा नहीं लगा मुझे लगा की कही वो मेरी वीडियो ना बना ले और मुझे ब्लैकमेल ना करे तो मैंने सोचा क्यों ना अपने भाई से ही रिश्ता कायम कर लु. घर की बात घर में, अब मैं अपने भाई से ही चुदने के सपने देखने लगी. और वो वक्त आ गया, जब उसका बर्थ डे था सुबह सुबह मैंने उसको विश किया पर अंदाज कुछ अलग था मैंने उसके गले लगा लिया, और वो भी मुझे अपनी बाहों में भर लिया, वो मेरे पीठ को सहलाने लगा और मैं भी उसके कंधे पे मुंह रख कर अपने सीने से चिपकाई हुई थी, मैं अपने चूचियों को रगड़ रही थी, फिर दोनों एक दूसरे को सहलाते रहे और मैंने फिर उसके होठ पे अपना होठ रख दिया की उसकी साँसे एक दम गरम हो गई, और दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेरे भाई का लण्ड खड़ा हो गया था जो मेरी जांघों को छु रहा था, मैं पागल होने लगी और मैं उसके लण्ड को अपने हाथो में ले ली और दबाने लगी. उसके मुंह से सिसकियाँ आने लगी. और फिर मैंने कहा आज से हम दोनों भाई बहन के अलावा बॉय फ्रेंड और गर्ल फ्रेंड है, तो उसने कहा मैं तो कब से ये सपने देख रही थी, और आज तुमने मुझे बर्थ डे पे ये गिफ्ट देकर दुनिया का सबसे बड़ा गिफ्ट दे दिया है, और फिर दोनों बेड पे लेट गए, मेरा भाई मेरी चूचियों के दबाने लगा, मैंने अपना ऊपर का कपडा खोल दी ब्रा के अंदर मेरी मस्त मस्त चूचियाँ पैक थी, जिसको जल्द ही मेरा भाई आज़ाद कर दिया, और फिर निप्पल को अपने दाँतों से काटने लगा. फिर उसने मेरी पेंटी उतार दी, और जांघों के बिच में बैठ कर वो मेरी चूत को निहारने लगा. मैं अपने चूत को हमेशा शेव करती हु, जिससे बिलकुल साफ़ रहता है, फिर वो ऊँगली डालने लगा पर मैंने मना कर दी, क्यों की मुझे लण्ड चाहिए था वो भी जल्दी, मेरी चूत गीली हो चुकी थी,

मैंने कहा भाई देर मत कर, और फिर  भाई ने अपना मोटा काला लण्ड जो की करीब ८ इंच का था, मेरी चूत के बिच में रखकर पहले वो रगड़ने लगा, और मुझे तड़पाने लगा, मैं पूछी ये क्यों कर रहे हो डालते क्यों नहीं जल्दी तो बोला की मैं तुमने सेक्स की चरम सीमा पे ले जाना चाह रहा हु, क्यों की चुदाई से पहले स्पर्श ज्यादा जरूरी है, मैंने पूछा ये बात तुम्हे कहा से पता चला तो बोला माँ से, मैंने कहा माँ से क्या बोल रहे हो, तो बोला हां मैं सच बोल रहा हु, मैं माँ को करीब ६ साल से चोद रहा हु, आप ये कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। क्यों की पापा जी का लण्ड अब खड़ा नहीं होता तो माँ मुझसे ही चुदवाती है. मैंने हैरान हो गई, मैंने कहा अच्छा तो तुम मदर चोद और अब बहनचोद दोनों हो गए हो, तो मेरा भाई बोला हां तुम सच बोल रही. है और फिर वो मेरे चूत में अपना मोटा लण्ड दाल दिया मैं दर्द से कराहने लगी, पर वो दर्द मुझे मीठी लग रही थी, मैं थोड़े ही देर में अपना गांड उठा उठा के चुदवाने लगी,क्या बताऊँ दोस्तों मुझे पहली चुदाई का एहसास हुआ, और मुझे चुदने का लत लग गया, मैं रोज रोज भाई से चुदने लगी. वो मुझे डॉन में करीब दो बार चोदता, हम दोनों साथ ही अब सोने लगे, और पति पत्नी की तरह रहने लगे, पर एक जो गड़बड़ हो गई ही क्यों की मैं प्रेग्नेंट हो गई हु, कैसी लगी हम डॉनो भाई बहन की सेक्स स्टोरी , शेयर करना , अगर कोई मेरी चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो अब जोड़ना Facebook.com/JuhiSharma

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