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दीदी की मदद से माँ की चुदाई

मेरी दीदी नेहा और माँ का नाम नीतू है.. उम्र 26 साल, हाईट 5.5, फिगर 38-32-38 और रंग साफ़ है। मेरे माँ की शादी को सिर्फ़ एक साल हुआ था तो उनके कोई बच्चा नहीं था। में और मेरी माँ काफ़ी फ्रेंक है क्योंकि उनकी और मेरी उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है.. वो मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड्स के बारे में पूछती रहती थी और मुझे काफ़ी छेड़ती भी थी।उस दिन के बाद मैंने मेरी बहन के साथ काफ़ी बार सेक्स किया.. लेकिन रोज रोज नहीं। लेकिन महीने मे 2-3 बार करता था लेकिन मेरी खुशी को किसी की नज़र लग गई और मेरी माँ हमारे यहाँ 6 महीने के लिए रहने आ गई.. क्योंकि मामा को ऑफिस के काम की वजह से मुंबई जाना पड़ा। मेरे मम्मी पापा दोनो जॉब करते है तो ज्यादातर टाईम में मामी और बहन ही घर पर रहते थे और मामी की नज़र से बचते हुये हमने 2-3 बार और सेक्स किया.. लेकिन अब हम दोनों से रहा नहीं जा रहा था.. लेकिन हम कुछ कर भी नहीं सक़ते थे। एक दिन मेरा फोन मेरे रूम में ही छूट गया।

माँ की चुदाई
दीदी की मदद से माँ की चुदाई

सुबह के वक़्त मम्मी पापा रोज 9 बजे ही जॉब पर जाते है तो में उसे लेने के लिए रूम में गया तो उस वक़्त मामी नहा रही थी और जैसे ही मैंने फोन उठाया वैसे ही मामी बाहर आई। मामी के बदन के ऊपर सिर्फ़ लम्बा वाला टॉवल ही था.. लेकिन लेकिन मामी की क्लेवेज और मोटी और नंगी जांघ देखकर में पागल हो गया और मेरा लंड खड़ा हो गया।ये सब कुछ सेकण्ड मे हुआ और में मामी को सॉरी बोलकर रूम से बाहर आ गया। उस दिन मैंने सोच लिया कि में माँ को चोदकर रहूँगा.. तो मैंने अपनी बहन को इस बारे मे बताया तो वो बोली कि ट्राई करके देखते है। एक महिना हो चुका था और मामी के चेहरे पर थोड़ी उदासी थी.. क्योंकि उनकी चुदाई नहीं हो रही थी.. ये मुझे मेरी बहन ने बताया। अब मैंने अपना गेम स्टार्ट कर दिया और अब जब भी में नहाने जाता तो टॉवल ले कर नहीं जाता और मामी मुझे ला कर देती थी और में अपनी बॉडी मामी को दिखाता और एक दिन जब मामी आई तो मैंने जानबूझ कर फिसलने का नाटक किया उस वक़्त मामी ने मुझे गिरने से बचाया और मेरा खड़ा लंड देख लिया और शरारती स्माईल देकर चली गई। उस दिन से मामी मुझसे बहुत ज्यादा फ्रेंक हो गई। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब वो मुझसे खूब चिपकती और कभी कभी नहाते वक़्त टॉवल भी मांगती थी और उस वक़्त थोड़े से बूब्स भी दिखाती थी। जब में घर से बाहर जाता या वापस आता तो मुझे हग भी करती थी। अब मैंने थोड़ा आगे बड़ने की सोची और मैंने अगले दिन अपनी बहन को बाहर जाने को बोला ताकि माँ और में अकेले रहे और में उस दिन लेट उठा तो मामी कुछ बना रही थी। ये सारी बातें मेरे मम्मी पापा जब घर पर नहीं होते थे तब ही होती थी। मैंने पीछे से मामी हो हग किया.. गुड मॉर्निंग मामी।

मामी : गुड मॉर्निंग.. रोहित जल्दी से ब्रश कर लो.. में नाश्ता लगाती हूँ।

में : ओके में जल्दी से ब्रश करके आया.. फिर नाश्ता भी किया और में फिर नहाने चला गया और मामी को पीठ घिसने बुलाया और में नंगा ही बैठा था।

मामी : ये क्या है?

में : अरे मामी.. अब तुमसे क्या छुपाना।

लेकिन मामी ने सब जल्दी जल्दी किया और वो वहां से जाने लगी.. लेकिन फिर मैंने मामी को पीछे से हग करते हुये दबोच लिया और बोला कि मामी आई लव यू और मेरा खड़ा लंड मामी की गांड से चिपक गया था।

मामी : ये ग़लत है रोहित.. में तुम्हारी मामी हूँ।

मैंने माँ को सीधा किया और उनकी आँखों मे देखते हुये उनसे बोला कि माँ मुझे पता है यू लव मी और मैंने उन्हें किस करना स्टार्ट कर दिया। पहले वो थोड़ा मना कर रही थी लेकिन थोड़ी देर के बाद वो मेरा साथ देने लगी.. मैंने माँ का गाउन उतार दिया। माँ ने पिंक कलर की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी। मैंने माँ की ब्रा उतारी और उनके बूब्स को चूसने लग गया। करीब 3 मिनिट तक बूब्स चूसने के बाद मैंने उनकी पेंटी उतारी फिर उनकी चूत को चूसने लगा तो वो मेरा सर उनकी चूत में दबाने लगी और आह आह और लंबी लंबी सांसे भरने लगी।ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। यह सब कुछ 2 मिनिट तक चल रहा था। मामी बोली जानू अब मुझसे रहा नहीं जा रहा.. शांत कर दो मेरी इस आग को.. दे दो मुझे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी.. ये सुनते ही में जोश में आ गया और मैंने मामी की टाँगे चोड़ी की और फिर अपना लंड उनकी चूत में लगाया.. लेकिन मामी की चूत थोड़ी टाईट थी। मैंने ज़ोर से धक्के दिये 3 धक्को में मेरा लंड अंदर घुस गया। मामी की थोड़ी सी चीख निकल पड़ी.. में 1 मिनिट तक शांत रहा और फिर मैंने चोदना शुरू किया।मामी के मुँह से आह जानू आह की आवाजें आ रही थी और इसी बीच में बोल पड़ा कि मामी मुझे पता है तुम सेक्स की कितनी भूखी हो.. मुझे दीदी ने सब बता दिया है और तब से मैंने सोच लिया था कि में अपनी मामी को वो प्यार दूंगा जो मामा अभी तक नहीं दे पा रहे थे।ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मामी : आहह.. जिस दिन से तेरा लंड मैंने देखा है में उसकी दीवानी हो गई हूँ। मन तो कर रहा था कि तुझसे अपनी आग बुझा लूँ.. लेकिन नेहा रहती है ना हमेशा.. ओह जानू लव यू… मेरा निकलने वाला है ये सुनकर मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और हम दोनों साथ मे झड़ गये। मैंने मामी को भी बता दिया था कि में नेहा को भी चोदता हूँ.. यह सुनकर मामी खुश हुई और बोली कि चलो अब मेरी चुदाई में किसी भी प्रकार की कोई रोकटोक नहीं होगी.. अब में पूरी आजादी के साथ तुम्हारा लंड ले सकती हूँ। अब तो में मेरी बहन और मामी को एक साथ चोदता हूँ और हम तीनों मिलकर दिनभर चुदाई का खेल खेलते है ।।कैसी लगी हम डॉनो माँ बेटे की सेक्स स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी माँ की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब ऐड करो Facebook.com/Chudai ki pyasi mami

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