Hindi urdu sex story & चुदाई की कहानी

New hindi sex stories, pakistani hot urdu sex stories, chudai kahani, chudai ki xxx story, desi xxx animal sex stories, चुदाई की कहानियाँ, hindi sex kahani, सेक्स कहानियाँ, xxx kahani, चुदाई कहानी, desi xxx chudai, xxx stories sister brother sex in hindi, mom & son sex story in hindi, kamuk kahani, kamasutra kahani, hindi adult story with desi xxx hot pics

ननद और भाभी की एक साथ चुदाई

Nanad aur bhabhi ki ek sath chudai xxx desi group sex kahani, ननद की चूत मारी, भाभी की गांड मारी, भाभी की चुदाई hindi sex story, सेक्स कहानी, Ghodi bana kar piche se bhabhi ko choda, भाभी की प्यास बुझाई Chudai kahani, भाभी को चोदा Hindi story, bhabhi ki chudai हिंदी सेक्स कहानी, Jor jor se bhabhi chut mari, भाभी ने मुझसे चुदवाया Real kahani, भाभी के साथ चुदाई की कहानी, भाभी के साथ सेक्स की कहानी, bhabhi ko choda xxx hindi story, भाभी ने मेरा लंड चूसा, भाभी को नंगा करके चोदा, भाभी की चूचियों को चूसा, भाभी की चूत चाटी, भाभी को घोड़ी बना के चोदा, 8 इंच का लंड से भाभी की चूत फाड़ी, भाभी की गांड मारी, खड़े खड़े भाभी को चोदा, भाभी की चूत को ठोका,

प्रेरणा भाभी ने अदा से मुस्कुराते हुए तुरंत अपनी सलवार नीचे खिसका कर अपनी चूत दिखा दी। उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, लगता है की हेयर रिमूवर से नियमित अपनी चूत साफ करती थी। मैं उनकी चूत पर हाथ रख कर थोड़ी देर सहलाया और फिर उनकी चूत पर चुम्मा लिया।वो बोली, “अब बस विक्की! रात को और दिखा दुँगी। अभी स्कूल के लिये लेट हो रहा है!” फिर वो स्कूल चली गयी और उसके बाद मैं भी नहाकर दफ़्तर चला गया। दफ़्तर में मेरा मन नहीं लग रहा था और शाम होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था।शाम को जब घर पहुँचा तो प्रेरणा भाभी को देखकर बस देखता ही रह गया। उन्होंने घुटनों तक की छोटी सी मैरून रंग की नाइटी पहनी हुई थी। उनकी नाइटी इतनी पारदर्शी थी कि काली ब्रा और पैंटी में उनका पूरा हुस्न मेरी आँखों के सामने नंगा था।
साथ में काले रंग के ही ऊँची हील वाले सैंडल पहने हुए थे जो उनके सैक्सी फिगर में चार चाँद लगा रहे थे। खुली ज़ुल्फें और मैरून लिपस्टिक लगे होंठों पर कातिलाना मुस्कुराहट कयामत ढा रही थी। मैंने प्रेरणा भाभी को बाँहों में लेना चाहा तो वो बोली, “इतनी भी क्या बेसब्री है… पहले फ्रेश तो हो जाओ… मैं कहीं भगी तो नहीं जा रही हूँ… फिर जी भर के मेरे हुस्न का जाम पीना!”फिर मैं बाथरूम में जा कर नहाया और बरमूडा और टी-शर्ट पहन कर बाहर आया तो कमरे में रोमैन्टिक संगीत बज रहा था और प्रेरणा भाभी हम दोनों के लिये पैग बना रही थी। हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगे और बातें करने लगे। प्रेरणा भाभी के होंठों पर वही शरारती मुस्कुराहट थी।ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। प्रेरणा भाभी मुझे छेड़ते हुए बोली, “तो जनाब और कितनों के हुस्न का मज़ा ले चुके हैं!”

“आप से झूठ नहीं बोलुँगा भाभी… मैंने कईयों के साथ ऐश की है…!” मैं बोला।

“सुभान अल्लाह! दिखते तो बड़े सीधे हो!” प्रेरणा भाभी आँखें नचाते हुए बोली।

“वैसे भाभी कम तो आप भी नहीं हो… क्यों सही कह रहा हूँ ना?”मैंने भी वापस उन्हें छेड़ा।

“तुम्हें कैसे पता?” प्रेरणा भाभी आँख मारते हुए बोली।

“बस ऐसे ही अंदाज़ा लगा लिया… बताओ ना भाभी सच है कि नहीं?”मैं ज़ोर देते हुए बोला।

हम दोनों इसी तरह शराब पीते हुए बातें करते रहे। प्रेरणा भाभी ने बताया कि वो बेहद चुदासी हैं और ज़िंदगी में पचासियों लौड़े अपनी चूत में ले चुकी हैं। पेईंग-गेस्ट भी इसी मक्सद से रखती हैं ताकि मेजर-साहब की गैर-हाज़री में भी उनकी चूत प्यासी ना रहे। बातें करते-करते हमने काफी शराब पी ली थी और प्रेरणा भाभी की तो आवाज़ भी बहकने लगी थी।ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो बोली, “विक्की अपने कमरे में चलो… मैं भी दो मिनट में आती हूँ!”मैंने पहले बाथरूम में जा कर पेशाब किया और फिर अपने कमरे में चला गया। प्रेरणा भाभी भी नशे में झुमती हुई मेरे कमरे में आयी और आते ही अपनी नाइटी उतार कर कर बोली, “विक्की देख लो दिल भर कर मेरा शबाब!”भाभी की चूत तैयार थी मेरे लिएप्रेरणा भाभी अब काली ब्रा-पैंटी और हाई हील के सैंडल पहने हुस्न की परी की तरह मेरे सामने खड़ी थीं। मैंने उन्हें अपनी बाँहों में भरते हुए कहा, “सिर्फ देखने से दिल नहीं भरेगा भाभी!”“तो फिर कैसे…?”वो शरारती अंदज़ में बोली।“अब तो आपके हुस्न की झील में डूब के ही करार मिलेगा!” कहते हुए मैं अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया। फिर मैंने उनकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उन्हें बेड पर लिटा कर उनकी गीली चूत को चाटने लगा और वो भी मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी। जब मेरा लंड चुदाई के लिये तैयार हो गया तो मैं प्रेरणा भाभी टाँगें फैला कर लंड के सुपाड़े को उनकी चूत पर रगड़ने लगा।

मेरे लंड की रगड़न से वो उतेजित हो कर मुँह से सिसकरी भरने लगी और कुछ ही देर में भाभी का जिस्म अकड़ने लगा और वो पहले चूत चटाई से अब लौड़े की रगड़न से झड़ गयी। फिर मैंने अपने सुपाड़े पर थूक लगा कर प्रेरणा भाभी की चूत पर रख कर एक कस के धक्का मरा तो आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में घुस गया। लंड घुसते ही उनके मुँह से “ऊऊऊईईईई ऊफ़फ़फ़” सिसकरियाँ निकलने लगी और वो लंबी-लंबी साँसें लेने लगी। प्रेरणा भाभी सिसकते हुए बोली, “विक्की ऐसे ही डाले रहो कुछ करना नहीं!”मैं कुछ देर तक बिना हिले-डुले आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में फसाये पड़ा रहा और उनकी दोनों चूचियों को अंगूठे और उंगली के बीच पकड़ कर मसलता रहा। कुछ ही देर में वो ज़रा नॉर्मल हुई तो मैंने कमर उठा कर थोड़ा लंड चूत से बाहर निकाल कर एक जोरदार धक्का मारा। मेरा लंड पूरा का पूरा उनकी चूत की गहरायी में घुस कर उनकी बच्चेदानी पर छू गया।प्रेरणा भाभी फिर चिल्ला पड़ीं, “ऊऊऊऊईईईई अल्लाहहऽऽऽ मार डाला रे तेरे ज़ालिम लंड ने… प्लीज़ विक्की… हिलना डुलना नहीं!”ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं ऐसे ही लंड डाले पड़ा रहा। मेरे लंड पर उनकी चूत की दिवारें कस कर जकड़ी हुई थी। जब वो फिर नॉर्मल हुई तो मैं धीरे-धीरे अपना लंड प्रेरणा भाभी की चूत के अंदर-बाहर करने लगा। जब मेरा लंड उनकी चूत के दाने को रगड़ता हुआ अंदर-बाहर होने लगा तो प्रेरणा भाभी को भी जोश आ गया और बोली, “विक्की मॉय डार्लिंग! कीप फकिंग हार्ड… बेहद मज़ा आ रहा है! आआआहहह आआआईईई!”फिर उन्होंने अपनी टाँगें और फ़ैला दीं और मेरी कमर पर कस दीं। प्रेरणा भाभी की सिसकारियों से मुझे भी जोश आ गया और मैं तेजी के साथ कस-कस कर चुदाई करते हुए लंड को अंदर-बाहर करने लगा। कुछ ही देर में उनकी चूत की सिकुड़न मुझे अपने लंड पर महसूस हुई। मैं समझ गया की वो झड़ रही थी लेकिन मैंने अपनी स्पीड नहीं रोकी बल्कि और बढ़ा दी। प्रेरणा भाभी की चूत गीली होने से अब मेरा लौड़ा आसानी से ‘पुच-पुच’ की आवाजें करता हुआ अंदर-बाहर हो रहा था और पूरे कमरे में चुदाई की आवाजें गूँजने लगी।

उनके झड़ने के बाद मैं करीब पंद्रह -मिनट तक चोदता रहा। फिर मेरा लंड भी प्रेरणा भाभी की चूत में झड़ गया। लंड का पानी जब पूरा उनकी चूत में गिर गया तो मैंने लंड को बाहर निकाला।उनकी चूत खुल कर अंदर की गहरायी दिखा रही थी। हम दोनों जोर-जोर से साँसें ले रहे थे। फिर हम दोनों लिपट कर सो गये।करीब तीन बजे मेरी आँख खुली तो प्रेरणा भाभी सिर्फ सैंडल पहने बिल्कुल नंगी मुझसे लिपटी हुई सो रही थीं। मैंने फिर से उनकी चुदाई की और सुबह भी दफ़्तर जाने से पहले उनकी चुदाई की।अब तो ये रोज़ का सिलसिला हो गया। हम रोज रात को शराब के एक-दो पैग पी कर चुदाई करने लगे। प्रेरणा भाभी तो मेरे लंड पर फ़िदा हो चुकी थीऔर वो बेहद चुदासी थीं। हर वक्त चुदाई के मूड में रहती थीं। ये चुदाई कहानी आप निऊ हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। हम दोनों हर रात एक ही बिस्तर पर नंगे सोते और अलग-अलग तरह से चुदाई करते। कईं बार तो स्कूल के लिये निकलने वाली होती तो जाते-जाते भी अपनी सलवार और पैंटी नीचे खिसका कर झटपट चोदने को कहतीं।हर दूसरे दीन मैं उनकी गाँड भी मारता था। जब भी हम दोनों में से किसी को चुदाई का मन होता, घर के किसी भी हिस्से जैसे कि किचन, बाथरूम, ड्राइंग रूम में कहीं भी चुदाई शुरू हो जाती। शुक्रवार और शनिवार को तो हम जम कर शराब पीते और नशे में धुत्त होकर खूब चुदाई करते।कैसी लगी ननद भाभी की सेक्स कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई मेरी भाभी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे ऐड करो Facebook.com/Chudasi bhabhi

The Author

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानियाँ

Hindi urdu sex story & चुदाई की कहानी © 2018 चुदाई की कहानियाँ